भरतपुर (राजेंद्र शर्मा जती)। भारत जोड़ो यात्रा के तहत राहुल गांधी पूरे देश को जोड़ने के लिए निकले हुए हैं। लेकिन शुक्रवार को भरतपुर में आयोजित किसान सभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के तार जुड़ते हुए नजर नहीं आए।
किसान सभा के एक ही मंच पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट अलग-अलग समय पर पहुंचे। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जाने के साथ ही राजस्थान सरकार के गहलोत सभा के दौरान मौजूद मंत्री और नेता भी मंच छोड़कर उनके साथ ही चले गए।
मंच पर केवल रालौद विधायक मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग मौजूद रहे। हालांकि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की लोकप्रियता कितनी बरकरार है उसका पता तब चला जब उनके मंच पर पहंुचते ही मौजूद जन सभा ने सचिन पायलट जिन्दाबाद के गगनभेदी नारे लगाए।
इस मौके पर सचिन पायलट ने भरतपुर से अपना खास रिश्ता बताते हुए कहा कि उनके पिता राजेश पायलट 1980 में भरतपुर से ही सांसद बने थे उस वक्त वे तीन वर्ष के ही थे। इसके साथ ही भरतपुर से जुडी हुई अन्य यादें भी ताजा की।
इससे साफ पता चलता है कि अभी भी गहलोत और पायलट के बीच सब कुछ सामान्य नहीं है। राष्ट्रीय लोकदल की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित किसान सभा में दोनों नेताओं में एक बात जरूर समान नजर आई कि दोनों नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार जांच एजेंसियों पर दबाव बनाकर रखती है। यही वजह है कि केंद्र की जांच एजेंसियां सरकार के दबाव में काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री गहलोत ने अपनी फ्लैगशिप योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा कि भरतपुर में अधिकतर स्थानों पर चंबल का पानी पहुंच गया है। कुछ जगह बची हैं जहां पर जल्द ही चंबल का पानी उपलब्ध हो जाएगा।
साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को भेजे गए कोविड गाइडलाइन के पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि हमने गाइडलाइन की पालना के सभी इंतजाम किए थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दोपहर करीब 12.40 बजे किसान सभा से हेलीकॉप्टर से दिल्ली रवाना हो गए।
उनके रवाना होने के करीब 15 मिनट बाद दोपहर 12.55 बजे सचिन पायलट का मंच पर आगमन हुआ। खास बात यह रही कि कांग्रेस के कई नेता और मंत्री गहलोत के साथ ही कार्यक्रम से रवाना हो गए। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने देश के किसान वर्ग के लिए संघर्ष किया था।
यह वर्ग ऐसा है जिसके लिए पहले भी संघर्ष किया गया, आज भी संघर्ष की जरूरत है और भविष्य में भी संघर्ष करना पड़ेगा। इसके लिए सभी को एकजुट होने की जरूरत है।
पायलट ने कहा की केंद्र के सरकार तीन काले कृषि कानून लेकर आई। किसानों ने करीब सवा साल तक घेराबंदी की और आखिर में केंद्र सरकार को किसानों से सिर झुका कर माफी मांगनी पड़ी। ये ताकत है देश के किसान की एकजुटता की।
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र की सरकार ने देश के संसाधनों को बेचने का काम किया। ऐसी सरकार को रोकने के लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि चौ. चरण सिंह ने मेहनतकश लोगों को उनके अधिकार दिलाने में जो महति भूमिका निभाई ऐसे व्यक्ति को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि आज देश के सामने अनेक चुनौतियां है जिन्हें दूर करने के लिये मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि किसानों को भी अपनी मांगों के लिये पूर्व की भांति एकजुट होना होगा।
उन्होंने कहा कि भरतपुर के पूर्व सांसद स्व. राजेश पायलट 36 कौमों से प्यार करते थे और इस मिट्टी से उनका अन्तिम समय तक लगाव रहा। भारत जोडो यात्रा की चर्चा करते हुये कहा कि यह यात्रा बेरोजगारी, मंहगाई के विरोध में और आपसी भाईचारे को बढाने के लिये निकाली जा रही है जिसमें लोग निरन्तर जुडते जा रहे हैं।