भीलवाड़ा। आपने अक्सर यह सुना होगा और पढ़ा होगा तथा देखा होगा कि सांड के हमले से यह महिला पुरुष और बच्चा घायल हो गया या सांड के हमले से मौत हो गई तथा सांड के आतंक ने कोहराम मचा दिया लेकिन सांड को मौत के मुंह से बचने के प्रयास में एक नहीं दो नहीं तीन इंसान की जान चली गई और 5 जने अन्य घायल हैं यह पहली बार आप पढ़ रहे होंगे।
जी हां यह घटना वाक्य में सही है और यह हादसा भीलवाड़ा जिले से अलग होकर नवगठित शाहपुर जिले में घटित हुआ है । शाहपुरा जिला मुख्यालय से मात्र 5 किलोमीटर दूर स्थित आरणी गांव में सोमवार देर रात्रि एक हादसे में गांव के ही तीन युवाओं की कुएं में जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई। गांव में स्थित बिना मुंडेर के एक कुएं के पास सांड लड़ रहे थे।
दोनों सांड लड़ते हुए कुएं में गिर गए सांड को बचाने के लिए गांव के ही एक-एक करके उतरे तीन युवाओं की कुएं में स्थित जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई। मृतको में दो सगे भाई भी है। जबकि उन्हें बचाने के लिए उतरे अन्य पांच जने भी घायल हो गए। सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारी तथा आपदा प्रबंधन की टीम भी पहुंची।
जानकारी के अनुसार आरणी में सोमवार देर रात्रि दो सांड लड़ रहे थे लड़ते-लड़ते कुएं में गिर गए जिन्हें बचाने के लिए आरणी गांव के ही कमलेश माली उम्र 19 वर्ष, उसका सगा भाई शंकर लाल माली 30 वर्ष, तथा एक अन्य युवक धनराज माली एक-एक करके कुएं में उतरे और दम घुटने से अचेत होकर के मौत हो गई।
जबकि गांव के ही अन्य कैलाश माली, बाबूलाल माली, रामकिशन माली,बालकिशन माली तथा सुखदेव गाडरी जहरीली गैस की वजह से घायल हो गए। जिन्हें प्रशासन द्वारा जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। उनका उपचार किया गया। कुएं में गिरे एक सांड को तो जेसीबी की मदद से निकाल लिया गया था।
जबकि दूसरे सांड को बचाने के लिए सबसे पहले युवक सुखदेव कुएं में उतरा जहरीली गैस के प्रभाव से वह कुएं में ही बेहोश हो गया।जिसके बाद धनराज कुएं में उतरा जिसने सुखदेव को कमर के रस्सी से बांधकर निकाल लिया।इसी दौरान धनराज भी गैस के प्रभाव से अचेत हो गया तथा कुएं में ही जा गिरा उसे गिरता हुआ।
देखकर अन्य युवक शंकर लाल माली कुएं में उतरा लेकिन वह भी अचेत तो गया। अपने ही सगे भाई कमलेश को बचाने कुएं में उतर गया लेकिन वह भी बेहोश हो गया। अंत में बालकृष्ण कमर के रस्सा बांधकर कुएं में उतरा ही था कि वह भी बेहोश होकर के लटक गया। जिस पर ग्रामीणों ने तत्काल उसे वहां से निकाल लिया।

सूचना के बाद जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह शेखावत, जिला पुलिस अधीक्षक राजेश काँवत, एसडीएम निरमा बिश्नोई तथा आपदा प्रबंधन की टीम, शाहपुरा पुलिस थाने से थाना प्रभारी महावीर शर्मा भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बांस तथा बल्ली की मदद से धनराज शंकर व कमलेश को निकाला।

लेकिन तीनों ही दम तोड़ चुके थे। उनके शवों को शाहपुरा स्थित मोर्चरी में रखा गया है। चार घायलों को बाद में प्राथमिक उपचार करने के बाद में छुट्टी दे दी गई जबकि एक घायल रामकिशन को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। गांव में एक साथ तीन युवाओं को की मौत होने जैसे हड़कंप की स्थिति मच गई।