भीलवाडा। अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच, संस्थापक डॉक्टर ममता सैनी, तंजानिया के विचार ने दो वर्ष पूर्व आकार लिया ” भारत को जानें ” का। इस महनीय कार्य हेतु उन्हें तीन विश्व रिकॉर्ड प्राप्त हुए।इस ग्रंथ में भारत सहित विश्व के 466 रचनाकारों की सहभागिता रही ।
इसमें भारत के राज्यों के साथ केन्द्र शासित प्रदेश की विशिष्टताओं को सात वर्गों में विभाजित कर दोहे और चौपाई छंद में रचना कर कवियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। प्रत्येक राज्य की संस्कृति का परिचय इस ग्रंथ में गीतों द्वारा हुआ है। जिसको संगीतबद्ध कर प्रसिद्ध गायकों ने अपना स्वर दिया है
यह हर्ष का विषय है कि इस लोकार्पण कार्यक्रम में देश – विदेश के 400 से अधिक रचनाकारों के आने की उम्मीद है।भीलवाड़ा के दो साहित्यकार प्रहलाद पारीक और रेखा लोढ़ा स्मित भी इस कार्यक्रम में शामिल हो कर सम्मानित होंगे राजस्थान के कलाकारों और राजस्थान के भूगोल पर लिखी इन दोनों रचनाकारों की रचनाओं को इस ग्रंथ में शामिल किया गया है।

