पूर्व सीएस पंत व मंत्री जोशी की बढ़ सकती है मुसीबतें ?

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार । राजस्थान में तत्कालीन अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार में जल जीवन मिशन योजना में हुए 960 करोड रुपए की घोटाले में गिरफ्तार हुए तत्कालीन प्रिंसिपल सेक्रेटरी पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब राजस्थान सरकार के पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत भी जांच के दायरे में आ सकते हैं ? तथा पूर्व मंत्री महेश जोशी की मुसीबतें एक बार फिर बढ़ सकती है ?
विदित है कि अग्रवाल की गिरफ्तारी से पूर्व मंत्री महेश जोशी और केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर राजस्थान कैडर के आईएएस सुधांश पंत की मुसीबत बढ़ेंगी। अग्रवाल ने पहले ही अपने बयानों में कहा है कि कांग्रेस के शासन में जल जीवन मिशन में हुए भ्रष्टाचार, अनियमितता और नियमों के उल्लंघन के लिए वह अकेले दोषी नहीं है।
उन्होंने जब जलदाय विभाग में कार्यभार संभाला तब पहले सुधांश पंत विभाग के प्रमुख थे। टेंडरों की स्वीकृति और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय पंत ने भी लिए। अग्रवाल ने सभी टेंडरों की विस्तृत जानकारी लिखित में एसीबी को दी है। अब जब रिमांड के दौरान पूछताछ होगी तो सुबोध अग्रवाल अपने पूर्व मैं की गई बात को ही कहेंगे।
अग्रवाल के पास वह सारे दस्तावेज है जिससे स्पष्ट होता है कि जल जीवन मिशन में सुधांश पंत की भूमिका रही है ? क्या अग्रवाल के बयानों के आधार पर एसीबी अब सुधांश पंत को भी जांच के दायरे में शामिल करेगी? यदि सुधांश पंत को जांच के दायरे में शामिल किया जाता है तो यह राजस्थान और देश के प्रशासनिक क्षेत्र में बहुत बड़ी खलबली होगी।
राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली ढाई वर्ष पूर्व भाजपा की सरकार बनने पर सुधांश पंत को ही राजस्थान का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था।और वह वापस अपने प्रभाव से मुख्य सचिव छोड़कर पुन: केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए।
पूर्व मंत्री महेश जोशी की बढ़ सकतीहै मुसीबतें
हालांकि कांग्रेस सरकार में जलदाय विभाग के मंत्री रहे महेश जोशी इस घोटाले में गिरफ्तार होरकर वर्तमान में जमानत पर जेल से बाहर आ चुके हैं, लेकिन सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद महेश जोशी की एक बार फिर मुसीबतें बढ़ सकती है ?
यह जग जाहिर है कि घोटाले में महेश जोशी का दबदबा रहा है। इंजीनियरों और अधिकारियों ने जोशी के दबाव मे ही उन फर्मों को करोड़ों रुपए के काम दिए जो पात्र नहीं थी। कुछ फर्मों ने टेंडर हासिल करने के लिए अनुभव के फर्जी सर्टीफिकेट भी लगा दिए। इन्हीं फर्मों ने स्टील की जगह प्लास्टिक के पाइप लगाए।
एसीबी ने जिन फर्मों को दोषी माना है उनसे महेश जोशी के परिवार के सदस्यों को लेनदेन भी साबित हो चुका है। ऐसे में रिमांड के दौरान अग्रवाल के बयान जोशी की मुसीबतों को और बढ़ा सकते हैं? अग्रवाल के बयानों के आधार पर महेश जोशी दुबारा से गिरफ्तार हो सकते हैं ?
अग्रवाल के पूरे परिवार में है अधिकारी
पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल के परिवार के अनेक सदस्य बड़े पदों पर नियुक्त हैं। पत्नी रोली अग्रवाल दिल्ली में आईआरएस चीफ कमिश्नर है, बेटा शुभम अग्रवाल मुंबई में आईआरएस। भाई रिटायर आईएएस, साले और उनकी पत्नी दोनों आईपीएस, साली आईएएस और पति भी आईएएस। दूसरी साली का पति आईआरसी, ससुर पूर्व आईआरएस है।
