फार्म 16 खत्म, पैन कार्ड भी… नया आयकर अधिनियम में कल से होंगे बदलाव

अधिनियम 64 साल पुराने आयकर अधिनियम की जगह लगा। लेके आयकर अधिनियम में कई बड़े बदलाव किए गए हैं इनमें प्रमुख रूप से अब सरकारी कर्मचारियों के लिए फॉर्म 16 ए समाप्त हो जाएगा तथा पैन कार्ड की जरूरत मैं भी बदलाव किया गया है
फार्म 16 खत्म, पैन कार्ड भी…  नया आयकर अधिनियम में कल से होंगे बदलाव

जयपुर /डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार । नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से नया आयकर अधिनियम लागू हो जाएगा।‌ यह नया अधिनियम 64 साल पुराने आयकर अधिनियम की जगह लगा। लेके आयकर अधिनियम में कई बड़े बदलाव किए गए हैं इनमें प्रमुख रूप से अब सरकारी कर्मचारियों के लिए फॉर्म 16 ए समाप्त हो जाएगा तथा पैन कार्ड की जरूरत मैं भी बदलाव किया गया है तथा मकान किराया पत्ता बच्चों के पढ़ाई और हॉस्टल जैसे अलाउंस बधाई गए हैं।

नए आयकर अधिनियम में कुछ प्रमुख बदलाव इस तरह हैं

1-अब सरकारी कर्मचारी और कंपनी के कर्मचारियों को आयकर की स्थिति जानकारी भरने के लिए फॉर्म 16 के स्थान पर अब फॉर्म 130 देना होगा इसमें तीन हिस्से होगी पार्ट ए में विभाग कंपनी और कर्मचारियों की बेसिक जानकारी पार्टी में वेतन और टीडीएस की जानकारी तथा पार्टी में आयकर योग्य आए की गणना पेंशन कटे हुए ।

टैक्स जमा किया गया टैक्स और लघु डिडक्शन की जानकारी होगी। अगर आप नौकरी बदलते हैं तो नई कंपनी या विभाग को बताना होगा कि पिछले कर्मचारियों के साथ आपने कौन सा टैक्स रिज्यूम पुराना अथवा नया चुना था ।

कंपनी से मिलने वाले पर्क्स और दूसरे लाभ जिससे घर कर बिना ब्याज वाले और सस्ते ऋण अवकाश का खर्च फ्री ट्रेवल्स फ्री खाना फ्री शिक्षा उपहार वाउचर क्रेडिट कार्ड खर्च आदि की जानकारी फॉर्म 123 में देनी होगी यह फॉर्म डिजिटल फॉर्म 130 से लिंक होगा।

जबकि अभी तक नौकरी बदलने पर पिछले टैक्स रिज्यूम की जानकारी देना जरूरी नहीं था तथा वेतन और टैक्स डिटेल के लिए फॉर्म 16 भरना होता था नौकरी बदलने पर अलग-अलग फॉर्म 16 लेना पड़ता था पर्क्स और एवं अन्य लाभ की डिटेल की अलग से फॉर्म 12 बीए मैं दी जाती थी जो फार्म 16 से पूरी तरह लिंक नहीं था। ‌

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कोई कंपनी कर्मचारियों को फ्री फूड वाउचर देती है तो हर मेल पर ₹200 तक टैक्स फ्री होंगे अर्थात महीने में 22 कार्य दिवस के लिए 4400 रुपए या हार दिन दो मिल मिलती है तो 8000 रुपए की रकम टैक्स भी रहेगी ।

अधिकतम दो बच्चों के लिए शिक्षा भत्ता प्रति महीना ₹100 से बड़ा कर ₹3000 किया जाएगा एवं अधिकतम दो बच्चों के लिए हॉस्टल खर्च₹9000 प्रति महीने किया जाएगा वर्तमान में हर मिलकर वाउचर पर केवल ₹50 तक टैक्स फ्री है ।

बच्चों की शिक्षा अलाउंस हर महीने ₹100 है और हॉस्टल का सालासर मैं ₹300 तक का है मकान किराया भत्ता पर 50% छूट केवल चार मेट्रो सिटी मुंबई दिल्ली कोलकाता चेन्नई में ही मिलती है।

बैंक क्या सहकारी बैंकों में नखत पैसा जमा करने अथवा निकलने पर पैन कार्ड तभी देना होगा जब पूरे साल में लेनदेन 10 लाख रुपए से अधिक हो जाए।

कर खरीदने पर पैन कार्ड तभी देना होगा जब कर की कीमत 5 लख रुपए से अधिक हो इसमें दो पहिया गाड़ियां भी शामिल है तथा होटल रेस्टोरेंट बैंकेट हॉल कन्वेंशन सेंटर इवेंट कंपनी को एक लाख से अधिक भुगतान करने पर पैन कार्ड देना होगा।

जमीन मकान की खरीद बिक्री उपहार या संयुक्त डेवलपमेंट एग्रीमेंट पर 20 लाख से अधिक के लेनदेन पर पैन कार्ड अनिवार्य होगा। अभी वर्तमान में बैंक में एक दिन में ₹50000 से अधिक नखत जमा करने पर दो पहिया और गाड़ियां छोड़कर कोई भी गाड़ी खरीदने पर तथा होटल आदि का बिल 50000 से अधिक होने पर और जमीन मकान से जुड़े 10 लाख की अधिक लेनदेन पर पैन कार्ड देना जरूरी है।

अब किराया जमीन जायदाद ट्रांसफर करने ठेकेदार से जुड़े भुगतान और क्रिप्टोकरंसी जुड़े संपत्ति पर टीडीएस काटने के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी उनकी जगह एक सिंगल यूनिफाइड चालन कम स्टेटमेंट आएगा इसके लिए फॉर्म 141 भरना होगा। अब यह फीलिंग टी ए एन(TAN) अर्थात टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर की बजाय पैन कार्ड से होगी। हर महीने 50000 से अधिक किराया

50 लख रुपए सबसे अधिक कीमत की जमीन जायदाद की ट्रांसफर प्रोफेशनल कांटेक्ट कमीशन या दलाली से जुड़े 50 लाख से अधिक के भुगतान पर और वर्चुअल डिजिटल संपत्ति जैसे क्रिप्टो करेंसी के

ट्रांसफर पर टीडीएस अनिवार्य रूप से कटेगा एवं ब्याज से होने वाली कमाई पर टीडीएस ना कटे इसलिए आम लोगों और सीनियर सिटीजन अर्थात वरिष्ठ नागरिकों को एक ही फॉर्म 121 भरना होगा। वर्तमान में टीडीएस डिडक्शन के लिए अलग-अलग तरह के चालान फॉर्म जमा करने होते हैं।

जैसे किराए से जुड़े भुगतान पर 26 QC जमीन जायदाद के लिए QB आदि साथ ही टीडीएस फाइलिंग के लिए टेन(TAN) जरूरी है तथा बिहार से होने वाली कमाई पर टीडीएस ने कटवाने के लिए आम लोगों को फॉर्म 15G और वरिष्ठ नागरिकों को फॉर्म 15H करना होता है।

नए नियमों के तहत वेतन भोगी( सैलरीड एम्पलाइज) को मकान बात जिसे छठ के लिए फॉर्म 124 में सबूत देना जरूरी होगा अगर 1 साल में घर का कुल किराया एक लाख रुपए से अधिक है तो मकान मालिक का भी पैन कार्ड देना होगा तथा इंश्योरेंस प्रीमियम की रिपोर्टिंग अर्थात स्टेटमेंट आफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन एसएफटी(SFT) की लिमिट अब आधी हो गई है।

अर्थात आप बीमा कंपनियां आए कर डिपार्टमेंट को आपके बिना पीएम की जानकारी कम ट्रांजैक्शन पर ही दे देगी पैन कार्ड धारकों के लिए यह लिमिट अब ₹5 लाख और नॉन पैन कार्ड वालों के लिए ढाई लाख रुपये होगी। विदेश में रह रहे भारतीयों को पैसा भेजने पर अब फॉर्म 146 में ट्रांजैक्शन की तारीख आय अर्थात कैपिटलगेन रुपया रिसीव करने वाले का पैन पैन कार्ड पता और भाई की जानकारियां देनी होगी।

वर्तमान में मकान किराए पत्ता दावे के लिए फॉर्म 12 बीबी के तहत सीमित जानकारी जरूरी होती है।‌ पैन कार्ड धारकों के लिए सालाना जमा होने वाला इंश्योरेंस प्रीमियम 10 लख रुपए और नॉन पैन कार्ड धरो के लिए 5 लख रुपए है तथा फॉर्म 15 सीबी मैं भारत से विदेश में पैसा भेजने की सीमित जानकारी और रिसीवर की कम डिटेल्स मांगी जाती है।

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