भीलवाड़ा में पत्रकार और उसके परिवार को जान का खतरा, सीएम से सुरक्षा की गुहार 

पुलिस की कार्य प्रणाली पर संदेश का आरोप 
भीलवाड़ा में पत्रकार और उसके परिवार को जान का खतरा, सीएम से सुरक्षा की गुहार 

भीलवाड़ा / अमन ठठेरा । जिले के बिजोलिया उपखंड मुख्यालय पर वरिष्ठ पत्रकार श्याम विजयवर्गी पर हुए कातिलाना हमले के बाद अभी तक सभी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने और खुला घूमने तथा एक बार फिर पत्रकार और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने से डर के साए में जी रहे पत्रकार में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सुरक्षा वह न्याय की गुहार लगाते हुए ।

इस मामले की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से जांच करने और बिजोलिया पुलिस की कार्य प्रणाली पर संदेह व्यक्त करने का आरोपी लगाया है।

बिजोलिया नगर निवासी पत्रकार श्याम विजयवर्गीय ने ज्ञापन में बताया कि 1 अप्रैल 2026 की रात करीब 9:10 बजे उसके घर के बाहर 4 आरोपियों ने रास्ता रोककर उन पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान आरोपियों ने करीब 30 ग्राम सोने की चेन और 11 हजार रुपए नकद छीन लिए।

इस संबंध में थाना बिजौलिया में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के 9 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस ने एक नामजद सहित एक अन्य आरोपी को हिरासत में जरूर लिया, लेकिन नगरपालिका में संविदा पर कार्यरत एक कर्मचारी और अन्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पीड़ित और उसका परिवार लगातार भय के साये में जी रहा है।

पीड़ित ने यह भी बताया कि 8 अप्रैल को भी रोडवेज बस स्टैंड पर आरोपियों ने लाल रंग की काले शीशों वाली कार में आकर उनकी रेकी की और जान से मारने की धमकी दी। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

विजयवर्गीय ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से ना तो लूटी गई संपत्ति बरामद की गई और ना ही उन्हें पीसी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई, जिससे मामले की जांच की गंभीरता पर संदेह पैदा होता है। ज्ञापन में नगर पालिका में कार्यरत एक संविदा कर्मचारी सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर भी नाराजगी जताई गई है।

उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, लाठी सहित अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद बिना नंबर की कार, सोने की चेन और नकदी की बरामदगी नहीं की गई है।

पत्रकार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से करवाई जाए, संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए, शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।

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