राजस्थान के रोगी देश भर के सरकारी और निजी अस्पतालों में करा सकेंगे फ्री इलाज

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
राजस्थान के रोगी देश भर के सरकारी और निजी अस्पतालों में करा सकेंगे फ्री इलाज

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार । राजस्थान सरकार द्वारा गरीब और मध्यवर्गीय जनता के लिए निजी और सरकारी अस्पतालों में होने वाले महंगे इलाज से राहत देने के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) (मा) संचालित कर रखी है सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए।

आम जनता को बहुत बड़ी राहत प्रदान की है अब इस योजना के तहत रोगी देशभर के लगभग 31 सरकारी और निजी अस्पतालों में अपना फ्री उपचार कर सकेंगे। उसके सर्जरी से लेकर गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है।

राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना संचालित कर रखी है इसके रुपए का साल की प्रीमियम एक परिवार को देनी होती है स्टेडियम के बाद उसे परिवार को आयुष्मान योजना के तहत कार्ड जारी होता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए कार्ड जरूरी है और इस योजना में अब आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू हो गई है।

आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी क्या है

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में अब इंटरेस्टेड अर्थात अन्य राज्य में पोर्टेबिलिटी लागू कर दी है इसके तहत योजना में कर होने वाले राजस्थान का रोगी दूसरे राज्य में जाकर इलाज कर सकता है इसे आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी कहते हैं।‌

दूसरे राज्य का रोगी राजस्थान जाकर इलाज ले सकता है। इंडिया योजना 19 दिसंबर 2025 के बाद लागू कर दी गई है और पिछले बीते तीन महीना में लगभग 1000 से अधिक रोगी 15 राज्यों में अलग-अलग अस्पतालों में इस योजना का लाभ लेते हुए इलाज कर चुके हैं।

इस योजना का कार्ड धारक अगर किसी अन्य राज्य में है और वहां पर जाता है तो वहां के अस्पताल में इलाज करना चाहता है तो वह उसे अस्पताल में अपना मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का कार्ड दिखाकर इलाज कर सकता है ।

अस्पताल सॉफ्टवेयर के जरिए अस्पताल के संचालक प्रबंधक कार्ड का डाटा चेक करेगा और कार्ड करने होने पर राजस्थान स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी से स्वीकृति मिलते ही इलाज शुरू हो जाएगा इस योजना में 25 लाख रुपए तक का इलाज फ्री हो सकता है। सुबह शर्तें जिस राज्य में और जिस हॉस्पिटल में यह कराधान इलाज करना चाहता है वह अस्पताल उसे अस्पताल का राज्य या केंद्र की योजना से अधिकृत होना जरूरी है।

 

ऐसे मिल रहा है इलाज

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से इंटीग्रेटेड किया गया है इससे प्रदेश के बाहर देश के दूसरे राज्यों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीकृत करीब 31000 सरकारी और निजी अस्पताल में इलाज कराया जा सकता है हालांकि केंद्र की योजना में ₹5 लाख तक का ही प्रावधान है परंतु राजस्थान का निवासी होने के कारण लाभार्थी अर्थात रोगी को 25 लाख रुपए तक का इलाज इस योजना में फ्री हो सकता है। पिछले 2 साल में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में लगभग 37 लाख से अधिक लोगों को 7500 करोड रुपए से अधिक का फ्री इलाज मिल चुका है और योजना में पैकेजों की संख्या 1806 से बढाकर 2179 कर दी गई है तथा सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या भी 1761 से बढ़कर 1945 हो चुकी है।

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