प्रधानमंत्री मोदी 21 को राजस्थान के दौरे पर

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 21 अप्रैल को राजस्थान के दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित रिफाइनरी का पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर सरकार और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है।
पीएम मोदी का पिछले 2 महीने में यह दूसरा दौर है इससे पहले मोदी 28 फरवरी 2026 को अजमेर दौरे पर आए थे। यह रिफायनरी मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान के लिए आर्थिक रूप से भाग्य रेखा साबित होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ट्विटर पर यह जानकारी देते हुए लिखा कि यह गर्व का विषय है की यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण हेतु वीरधरा राजस्थान पधार रहे हैं। यह रिफायनरी मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान के आर्थिक कायाकल्प और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने वाली भाग्य रेखा सिद्ध होगी।
पीएम मोदी रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। इस साल जनवरी से ही रिफाइनरी के पहले चरण के ट्रायल रन अर्थात कच्चा तेल का प्रसंस्करण की तैयारी शुरू कर दी गई थी और इसमें शीघ्र कमर्शियल उत्पादन शुरू हो जाएगा।
क्या पचपदरा रिफाइनरी
पचपदरा रिफाइनरी देश की सबसे आधुनिक बीएस-6 मानक की रिफाइनरी है। इस प्लांट में रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट एक साथ विकसित किया जा रहे हैं यह पूरी तरह से जीरो लिक्विड इन्फ्लुएंट डिस्चार्ज परियोजना है अर्थात क्रूड ऑयल रिफाइनरी के दौरान किसी भी तरह का तरल कचरा बाहर नहीं जाएगा और यह पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि भी मानी जा रही है।
पचपदरा रिफाइनरी की सालाना रिफाइनरी क्षमता 9 मिलियन कच्चे तेल की है तथा यहां 2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल काम्प्लेक्स भी स्थापित किया गया है। रिफाइनरी के लिए कुल 7.5 मिलियन टन कच्चा तेल अरब देशों से मंगाया जाएगा जबकि प्रदेश में उत्पादित करीब 1.5 मिलियन टन कच्चे तेल का भी उपयोग किया जाएगा।
इतनी लंबी बिछेगी लाइन
पचपदरा रिफाइनरी करीब 80000 करोड रुपए की लागत से बन रही है। इस रिफाइनरी से बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा क्रूड ऑयल रिफाइनरी और बायो प्रोडक्ट के उत्पादन से माल ढुलाई भी बढ़ेगी और इसे ध्यान में रखते हुए बालोतरा से पचपदरा के बीच बंद पड़ी रेल लाइन को दोबारा शुरू करने की तैयारी है तथा कुछ महीने पहले ही इसका सर्वे हुआ था।
बालोतरा से पचपदरा और रिफाइनरी तक लगभग 12 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन और बिछाई जाएगी। इस रिफाइनरी से इंफ्रास्ट्रक्चर लॉजिस्टिक्स एंड सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रिफाइनरी का दो बार हुआ शिलान्यास
पचपदरा रिफाइनरी का शिलान्यास दो बार हुआ है पहली बार 22 सितंबर 2013 को हुआ था तब तत्कालीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रिफाइनरी का शिलान्यास किया था और राजस्थान में अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार थी तब इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत उस समय लगभग 37230 करोड़ थी। सत्ता परिवर्तन के बाद रिफाइनरी की शर्तों में बदलाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जनवरी 2018 को फिर से उसके कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया और उस समय इसकी लागत बढ़कर 430129 करोड रुपए हो गई थी।
इसका कार्य 31 अक्टूबर 2022 तक पूरा किया जाना था परंतु पिछली कांग्रेस सरकार के समय 2 जून 2023 को परियोजना की लागत बढ़कर 72937 करोड रुपए हो गई थी।
भजनलाल सरकार में कंपनी ने 24 जुलाई 2025 को रिफाइनरी के लागत मूल्य में द्वितीय संशोधन प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत किया इसके बाद इसकी लागत बढ़कर 79 हजार 459 करोड रुपए हो गई है। रिफायनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है।
