निजी स्कूल अब यूनिफॉर्म, किताबों और जूतों के लिए नहीं कर पाएंगे ‌विवश

सरकार सख्त‌,शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन,प्रदेश भर के निजी स्कूलों की होगी औचक जांच
निजी स्कूल अब यूनिफॉर्म, किताबों और जूतों के लिए  नहीं कर पाएंगे ‌विवश

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। राजस्थान के निजी स्कूलों द्वारा हर साल नए सत्र में किताबों, यूनिफॉर्म, जूतों और टाई निर्धारित दुकान से ही खरीदने के नाम पर अभिभावकों की जेब पर आर्थिक भार डालती है ।‌ इसे यूं कहीं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह निजी स्कूल है अभिभावकों की जेब पर सीधे-सीधे डाका डाल रही हैं। ‌ निजी स्कूलों की इस मनमानी के रूप को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए शिक्षा विभाग को आदेश दिए हैं जिसकी पालन में शिक्षा विभाग ने इस बार कड़ा रुख अपनाया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने इसके लिए सख्त मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण की योजना तैयार की है।

तीन सदस्यीय कमेटियां लेंगी ‘क्लास’

शिक्षा निदेशक सीताराम जाट (IAS) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय अलग-अलग कमेटियों का गठन करें।

ये कमेटियां 15 अप्रैल 2026 से पहले जिले के सभी गैर-सरकारी विद्यालयों का सघन निरीक्षण करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि स्कूल संचालक पुराने नियमों की धज्जियां तो नहीं उड़ा रहे।

किस लिए पड़ी सख्ती की जरूरत?

विभाग के संज्ञान में आया है कि बार-बार दिशा-निर्देश जारी करने के बावजूद कई स्कूल संचालक किसी खास दुकान से ही सामान खरीदने या महंगे ब्रांड की सामग्री खरीदने का दबाव अभिभावकों पर बना रहे हैं। नया सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है, ऐसे में विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों की पुष्टि होने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु

दुकान फिक्सिंग पर रोक

1-क्या स्कूल किसी विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य कर रहा है?

2-फीस विनियमन

क्या स्कूल तय नियमों और फीस एक्ट के विपरीत वसूली कर रहा है?

3- रिपोर्टिंग

सभी कमेटियों को अपनी जांच रिपोर्ट 20 अप्रैल 2026 तक निदेशालय को सॉफ्ट और हार्ड कॉपी में अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।

अभिभावकों के लिए बड़ी राहत, ऐसे करें शिकायत या दें सूचना

सरकार के इस कदम से उन हजारों अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो सत्र की शुरुआत में ही भारी-भरकम खर्च के बोझ तले दब जाते हैं। शिक्षा विभाग ने ईमेल आईडी (ad.psp.dsc@rajasthan.gov.in) भी जारी की है, जहां नियमों की अवहेलना होने पर शिकायत की जा सकती है।

इनकी जुबानी

प्रदेश में निजी गैर सरकारी स्कूलों को पहले जारी किए गए दिशा निर्देशों की पालना हर हाल में करनी होगी और यदि निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया गया तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सीताराम जाट (आईएएस )

निदेशक

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर राजस्थान

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