नगर परिषद की अनदेखी से वार्डवासी परेशान

वार्ड वासियों ने लिखे पत्र मेें बताया कि वार्ड 54 के विद्युत पोल नम्बर 304 के समीप मकान वाले ने रास्ते में ही मलवा डालकर रास्ता रोक दिया है। जिससे वार्ड वासियों का उस मार्ग से गुजरने में कठिनाईयों का अन्देशा सदैव बना रहता है।
नगर परिषद की अनदेखी से वार्डवासी परेशान
आयुक्त एवं प्रशासक को पत्र लिख कर सडक पर मलवा डाल कर रास्ते को अवरूद्ध करने की जानकारी देते हुए रास्ता खुलवाने की मांग

टोंक। नगर परिषद के वार्ड संख्या 54 के वार्ड वासियों ने आयुक्त एवं प्रशासक को पत्र लिख कर सडक पर मलवा डाल कर रास्ते को अवरूद्ध करने की जानकारी देते हुए रास्ता खुलवाने की मांग की है। वार्ड वासियों ने लिखे पत्र मेें बताया कि वार्ड 54 के विद्युत पोल नम्बर 304 के समीप मकान वाले ने रास्ते में ही मलवा डालकर रास्ता रोक दिया है। जिससे वार्ड वासियों का उस मार्ग से गुजरने में कठिनाईयों का अन्देशा सदैव बना रहता है।

 

सूर्य मकर संक्रांति 14 को, शुभ कार्यो का होगा शुभारंभ

टोंक। धर्म शास्त्रों अनुसार इस वर्ष सुर्य देव माघ मास कृष्णपक्ष एकादशी तिथि 14 जनवरी बुधवार को दोपहर 15.05 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस अवधि में चंद्र देव अनुराधा नक्षत्र वृश्चिक राशि मे गोचर करेगें, नक्षत्र स्वामी शनिए राशि स्वामी मंगल, वार स्वामी बुध है। संक्रांति का पुण्यकाल दान सुबह 08.40 से सायंकाल सूर्यास्त तक शुभ है।

मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोंक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि मलमास समाप्त होकर शुभ कार्यो का शुभारंभ हो जायेगा। इस वर्ष संक्रांति का वाहन बाघ, उपवाहन घोड़ा है। इस का वार एवं नक्षत्र नाम मंदाकिनी हैं, जिससे यह बड़े सरकारी अधिकारियों शासन वर्ग प्रशासनिक अधिकारियों न्यायाधीश सेना नायकों श्रमिक नेताओं शासक वर्ग मंत्रीयों को शुभ फलदायक लाभदायक एवं उन्नति कारक रहेगी, जिससे देश में विकास की योजनाएं बनेंगी, जन-कल्याण के लिए सरकार की योजनाओ का लाभ आमजन को प्राप्त होगा, यह सक्रांति दिन में तीसरे पहर की याम व्यापिनी होने से उद्योगपतियों व्यवसाय वर्ग वैश्य वर्ग आयात निर्यात करने वालो को मध्यम रहेगी।

यह सक्रांति पश्चिम दिशा मे जा रही है एवं वायव्य कोण को देख रही है, जिसके प्रभाव से पंजाब, जम्मू कश्मीर, लद्दाख आदि क्षेत्रों में कष्ट प्रद रहेंगी। यह सक्रांति बालव करण की है, पीले वस्त्र पहने हुए हैं, हाथों में गदा धारण किये हुए हैं, शरीर पर कुमकुम का लेपन कर रखा है, सक्रांति भुत जाति की है, हाथ में चमेली का पुष्प यह 30 मुहुर्ति है, यह धान्य किराना, घी, मूंग, मोठ, हल्दी, सरसों, मसालों, गुड़, चीनी में वृद्धि कारक रहेगी। सभी धान्य पदार्थों गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा, मक्का आदि में ज्यादा परिवर्तन नहीं होगा, मिर्ची, हल्दी, सुवर्ण, पीले वस्त्र, चने की दाल आदि वस्तुएं महंगी होंगी।

बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि यह सक्रांति वृश्चिक राशि एव अनुराधा नक्षत्र पर रहेगी, जिसके प्रभाव से मिथुन वृश्चिक मकर राशि को शुभ फलदायक कर्क तुला मीन राशि वालों को विशेष फल दायक वृष कन्या कुम्भ राशि वालों को मध्यम फल दायक एवं मेष सिंह धनु राशि वालों को न्युनतम फल

दायक रहेगी। संक्रांति के दिन पुण्य काल मे दोष निवारण हेतु गरीबो को खाने पिने की वस्तुओं कपड़ों का दान करना, तिल-गुड-हरे-चने-गन्ना-तांबे के बर्तन-नयें पीले वस्त्रों-सुवर्ण-सप्त धान्य गेहू का दान भूमि का दान-गौ दान करें, गाय को हरा चारा खिलाये, तिल एवं गुड़ के लडुओं का दान करे, भगवान सूर्य देव के आदित्य स्रोत का पाठ करे हवन करें । भगवान सूर्यनारायण को इस दिन जल मिश्रित दूध का अघ्र्य प्रदान करें।

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