भारतीय किसान संघ की बैठक सम्पन्न

बैठक में सर्वसम्मति से राज्य सरकार के बजट में कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा हुई। जिसमें सभी सहकारी समितियां को पुनर्जीवित कर रबी एवं खरीफ सीजन में अनिवार्य रूप से खाद बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जानबूझकर कृषि आदानों की आपूर्ति नहीं करने वाले समिति प्रबंधकों को दंडित किया जाए। सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद स्थानीय स्तर पर सरकारी समितियां के माध्यम से की जावे इस बाबत प्रत्येक सरकारी समिति में कम से कम 2000 मेट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनवाए जाएं।
भारतीय किसान संघ की बैठक सम्पन्न
भारतीय किसान संघ तहसील इकाई टोंक की मासिक बैठक वीर तेजाजी लाइब्रेरी छान में विनय सिंह ताखर जिला मंत्री की अध्यक्षता में भारतीय किसान संघ का ध्वज फहराकर कर भारत माता भगवान बलराम एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी की तस्वीर एवं बेनर लगाकर आयोजित की गई

टोंक। भारतीय किसान संघ तहसील इकाई टोंक की मासिक बैठक वीर तेजाजी लाइब्रेरी छान में विनय सिंह ताखर जिला मंत्री की अध्यक्षता में भारतीय किसान संघ का ध्वज फहराकर कर भारत माता भगवान बलराम एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी की तस्वीर एवं बेनर लगाकर आयोजित की गई। बैठक में तहसील अध्यक्ष मूलसिंह सोलंकी, तहसील मंत्री कन्हैयालाल गुर्जर, तह व्यसन प्रमुख भंवरलाल जाट, राजस्व प्रमुख बाबूलाल जाट, ग्राम इकाई अध्यक्ष छान रतिराम माली, ग्राम इकाई अध्यक्ष सांखना कानसिंह कच्छावा, सुरेश चंद मोड्याला, मदनलाल चौधरी मीर नगर, रामदेव माली छान उपस्थित रहे।

बैठक में सर्वसम्मति से राज्य सरकार के बजट में कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा हुई। जिसमें सभी सहकारी समितियां को पुनर्जीवित कर रबी एवं खरीफ सीजन में अनिवार्य रूप से खाद बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जानबूझकर कृषि आदानों की आपूर्ति नहीं करने वाले समिति प्रबंधकों को दंडित किया जाए। सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद स्थानीय स्तर पर सरकारी समितियां के माध्यम से की जावे इस बाबत प्रत्येक सरकारी समिति में कम से कम 2000 मेट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनवाए जाएं।

दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां में सचिव द्वारा मशीनों में गड़बड़ कर फेट की कम मात्रा दिखाई जाती है, जिसके कारण किसानों का नुकसान होता है इस पर लगाम लगाने के लिए एक फेट चेक करने की मशीन किसी स्वतंत्र सदस्य को सुपुर्द की जाए जिसमें दुग्ध उत्पादक किसान अपनी फेट स्वयं जांच कर सके। तथा दूध के रेट बढ़ाए जाएं।

किसानों को तुरंत राहत देने के लिए 5 रूपयें प्रति फेट इकाई दूध के रेट अति शीघ्र बढ़ाई जाए। किसान क्रेडिट कार्ड की राशि 5 लाख रुपए केंद्र की घोषणा अनुसार अभी तक भी लागू नहीं हुई है इसे कम ब्याज दरों पर किसानों को उपलब्ध करवाया जाए। कई बार किसान प्राकृतिक आपदा आदि कारणों से केसीसी का समय पर भुगतान नहीं कर पाता, जिसके कारण ब्याज राहत नहीं मिल पाती।

भुगतान के लिए किसान को 90 दिन का ग्रेस पीरियड मिलना चाहिए, ताकि किसान को ब्याज राहत मिल सके। साथ ही केसीसी को सिबिल स्कोर से बाहर किया जाना चाहिए ताकि किसान की क्रेडिट रेटिंग खराब ना हो। उन्होने बताया कि सभी विषयों को जिला इकाई के माध्यम से प्रदेश इकाई द्वारा राज्य सरकार के समक्ष बजट पूर्व चर्चा में रखने हेतु सर्वसम्मति से प्रस्ताप पारित किया गया।

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