नशा मुक्ति एवं दुष्प्रभावों के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी

राजकीय महाविद्यालय टोंक के प्रो. डॉ. महेश कुमार कुमावत ने पीपीटी के माध्यम से नशे की परिभाषा, अर्थ, कारण एवं उसके दुष्प्रभाव तथा नशा मुक्ति के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी
नशा मुक्ति एवं दुष्प्रभावों के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ

टोंक। राजकीय कन्या महाविद्यालय टोंक में गुरूवार को राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन नशा मुक्ति विषय पर व्याख्यान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ।

मुख्य वक्ता राजकीय महाविद्यालय टोंक के प्रो. डॉ. महेश कुमार कुमावत ने पीपीटी के माध्यम से नशे की परिभाषा, अर्थ, कारण एवं उसके दुष्प्रभाव तथा नशा मुक्ति के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुऐ प्राचार्य डॉ. सुलोचना मीना ने छात्राओं से नशे से दूर रहने और इस संबंध में समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य एवं एनएसएस की स्वयंसेविकाएं उपस्थित रही। इस दौरान संगोष्ठी का संचालन डॉ. पीयूष पारीक ने किया।

सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी 15 जनवरी तक क्लेम फॉर्म ऑनलाइन भरें

टोंक। जिला मुख्यालय के राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों कि राज्य बीमा पॉलिसी परिपक्व होने पर राज्य बीमा क्लेम दावों के लिए ऑनलाइन आवेदन की समय सीमा तय कर दी गई है। राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के सहायक निदेशक ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को 1 से 15 जनवरी तक अपने क्लेम फॉर्म ऑनलाइन भरने होंगे।

जिन कार्मिकों की जन्मतिथि 1 अप्रैल 1966 से 31 मार्च 1967 के मध्य है, उनकी पॉलिसी 1 अप्रैल 2026 को परिपक्व हो जाएगी। ऐसे कर्मचारियों को अपने अंतिम बीमा प्रीमियम की कटौती दिसंबर 2025 के वेतन तक ही सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा अधिकारियों के मामले में, जिनकी सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 या 65 वर्ष की गई है, उनकी पॉलिसी की परिपक्वता तिथि स्वत: परिवर्तित मानी जाएगी। यदि कोई कार्मिक पॉलिसी का विस्तार चाहता है, तो उसे 1998 के नियमों के तहत ऑनलाइन विकल्प पत्र भरना होगा।

पोर्टल: कार्मिक को अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से न्यू एसआईएफ पोर्टल पर लॉगिन करना होगा, जिसके साथ राज्य बीमा की पासबुक, राज्य बीमा पॉलिसी बॉण्ड (दोनो तरफ से), पदस्थापन्न विवरण के लिए परिशिष्ट-क ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अन्य समस्या अथवा अतिरिक्त जानकारी के लिए कार्मिक राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, टोंक कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

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