टोंक की पहाड़ियों में होने वाले अवैध खनन के लिए लाई गई थी, विस्फोटक – मीणा
टोंक। टोंक एसपी राजेश मीणा ने 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट और विस्फोटक बरामदगी के मामले में महत्वपूर्ण खुलासे किए… एसपी राजेश मीणा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह सामने आया है कि यह विस्फोटक सामग्री टोंक की पहाड़ियों में होने वाले अवैध खनन के लिए लाई गई थी.. बरामद विस्फोटक का उपयोग पत्थरों की ब्लास्टिंग के लिए किया जाना था… हालांकि मुख्य रूप से मामला अवैध खनन से जुड़ा लग रहा है, लेकिन विस्फोटक की संवेदनशीलता और नए साल की पूर्व संध्या के मौके को देखते हुए पुलिस इसे सभी संभावित पहलुओं से जांच रही है…
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने यह विस्फोटक बूंदी जिले के विस्फोटक भंडार से प्राप्त किया और टोंक में सप्लाई करना था.. पुलिस अब उस विशिष्ट मैगजीन का पता लगा रही है.. जहां से यह अवैध रूप से सप्लाई किया गया था… एसपी के निर्देशन में पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है… पुलिस ने 3 अन्य लोगों को हिरासत में लिया है… पुलिस पता लगाने में जुटी है कि यह खेप किसे दी जानी थी और क्या इससे पहले भी ऐसी सप्लाई टोंक या अन्य शहरों में हुई है.. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मीणा ने बताया सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले में टोंक पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं..
विस्फोटक की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.. NIA, IB और ATS की टीमें टोंक पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं. शुरुआती जांच में पुलिस अवैध खनन के लिए इसके इस्तेमाल की संभावना जता रही है, लेकिन हाल ही में दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही है..
आपको बता दें कि टोंक जिले में DST ने नए साल की पूर्व संध्या पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 150 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया… पुलिस की डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम ने बरौनी थाना क्षेत्र में एक कार से यूरिया के कट्टों में छिपाकर रखा 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया… इसके अलावा 200 विस्फोटक कार्ट्रिज और करीब 1100 मीटर सेफ्टी फ्यूज वायर भी बरामद किए..
इस मामले में बूंदी निवासी दो आरोपी सुरेंद्र पटवा और सुरेंद्र मोची को गिरफ्तार किया.. दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से कोर्ट ने 5 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया…
