आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित

उन्होंने बताया कि पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से पूर्णतः निरोगी गांव होने पर गांवों को आयुष्मान आदर्श गांव घोषित करने संबंधी बजट घोषणा की क्रियान्विती आयुष विभाग एवं संबंधित विभागों द्वारा की जानी है।
आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित
आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित

टोंक। आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति की प्रथम बैठक आयोजित हुई। समन्वय समिति के नोडल अधिकारी एवं बीसलपुर परियोजना देवली के अतिरिक्त जिला कलेक्टर भूपेन्द्र यादव ने समिति से जुड़े सभी अधिकारियों को बताया कि जिले से इस योजना के तहत पीपलू पंचायत समिति की ग्राम पंचायत जौंला, टोंक की निमोला, देवली की घाड़, मालपुरा की झाड़ली एवं टोडारायसिंह की भांसू का चयन किया गया है।

आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना

उन्होंने बताया कि पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से पूर्णतः निरोगी गांव होने पर गांवों को आयुष्मान आदर्श गांव घोषित करने संबंधी बजट घोषणा की क्रियान्विती आयुष विभाग एवं संबंधित विभागों द्वारा की जानी है।

आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना

इसमें पारम्परिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को सुधारने और ग्रामीणों को स्वस्थ्य जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। इस योजना का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आदर्श मॉडल के रुप में विकसित करना है। आयुष्मान आदर्श ग्राम घोषित होने पर 11 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी। प्रथम चरण में आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों के माध्यम से यह योजना चिन्हित ग्राम पंचायतों पर लागू होगी। इनके माध्यम से औषधीय पौधों के प्रति जागरुक करना एवं स्वस्थ्य जीवन शैली पर जोर दिया जायेगा।

आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना

साथ ही चिकित्सा विभाग द्वारा मधुमेह, रक्तचाप, महिलाओं में एनीमिया समेत अन्य की स्क्रिनिंग की जायेगी। इस दौरान प्रत्येक परिवार के स्वास्थ्य प्रोफाईल का संधारण किया जायेगा।बैठक में आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक डॉ. रामसहाय बैरवा ने बताया कि इस योजना में चिन्हित ग्राम पंचायतों को निर्धारित 18 सूचांकों पर कार्य करना है। आमजन को पारम्परिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं परामर्श प्रदान करना है। बैठक में आरसीएचओ गोपाल जांगिड़, आईसीडीएस की उप निदेशक सरोज मीना, जिला क्षयरोग अधिकारी हिमांशु मित्तल, सहायक वन संरक्षक अनुराग महार्षि एवं शिक्षा विभाग के ईडीइओ सीताराम साहू मौजूद रहे।

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