किसानों ने कलेक्टर को बोला 1500 बीघा जमीन बांध के पानी में डूबीं हुई है.

किसानों ने बताया कि 1500 बीघा जमीन बांध के पानी में डूबीं हुई है.. और ये कलेक्टर की जांच कमेटी रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ. वहीं बीसलपुर विस्थापित परिवारों की खेती-बाड़ी की जमीन, कुआं, ट्यूबवेल, पाईप लाईन पशुओं के बाड़ा, बीज अनुसंधान संस्थान की जमीन
किसानों ने कलेक्टर को बोला 1500 बीघा जमीन बांध के पानी में डूबीं हुई है.
किसानों ने किसान नेता रामेश्वर चौधरी के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.

टोंक । टोंक जिले के लांबा में बांध क्षमता से ज्यादा भरने से किसान परेशान हैं.. आज डूब क्षेत्र के किसानों ने किसान नेता रामेश्वर चौधरी के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.. किसानों ने बताया कि 1500 बीघा जमीन बांध के पानी में डूबीं हुई है.. और ये कलेक्टर की जांच कमेटी रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ. वहीं बीसलपुर विस्थापित परिवारों की खेती-बाड़ी की जमीन, कुआं, ट्यूबवेल, पाईप लाईन पशुओं के बाड़ा, बीज अनुसंधान संस्थान की जमीन,

चरागाह भूमि, किसानों की जमीन डूबीं होने से अब किसानों की आजीविका और कृषि ऋण, बच्चों की शिक्षा, शादी विवाह, परिवार के खाने के लिए भी अन्न उपजाना और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं हैं.. 3 दर्जन विस्थापित परिवारों की जमीन डूबने के कारण विस्थापितों को पीड़ाओं से गुजरना पड़ रहा है. बीज अनुसंधान संस्थान की जमीन जलमग्न होने से उन्नत किस्म के बीज किसानों को उपलब्ध नहीं होगा..

किसानों ने ज्ञापन में बताया की प्रशासन बांध के पानी की निकासी होने के बाद सर्वेक्षण की बात कर रहा है. बांध के पास हेड के कुछ किसान राजनीतिक षड्यंत्र करके बांध से पानी की निकासी भी नहीं होने दे रहें हैं… इससे बांध से पानी निकासी नहीं होंगी और वर्षाजल से फिर बांध भर जायेगा.. जिससे पीड़ित किसानों राहत नहीं मिलेगी. किसानों ने जल संसाधन विभाग की विफलता और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए..

विज्ञापन