ग्रामीण विकास की दिशा में ‘वीबी-जी रामजी’ ऐतिहासिक पहल : हीरालाल नागर

आगामी बजट के लिए मांगे सुझाव, किसान चौपाल में आमजन की समस्याओं का किया निस्तारण अब साल में 100 दिन के बजाय मिलेगी 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी
ग्रामीण विकास की दिशा में ‘वीबी-जी रामजी’ ऐतिहासिक पहल : हीरालाल नागर
टोंक के भविष्य की विकास योजनाओं और आगामी राज्य बजट को लेकर जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के साथ देवली नगर पालिका में संवाद किया

टोंक। ऊर्जा राज्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार को टोंक के भविष्य की विकास योजनाओं और आगामी राज्य बजट को लेकर जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के साथ देवली नगर पालिका में संवाद किया। साथ ही किसान चौपाल के माध्यम से आमजन की समस्याओं का किया निवारण। प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार बजट में जन-भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। इसीलिए सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से सीधे सुझाव लिए जा रहे हैं।

राज्य सरकार जिले के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। पिछले बजट की अधिकांश घोषणाओं का क्रियान्वयन धरातल पर शुरू हो चुका है। प्रभारी मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025‘ को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक पहल है।

उन्होंने कहा कि यह कानून पुरानी मनरेगा योजना का परिष्कृत रूप है, जो भ्रष्टाचार और लेटलतीफी जैसी कमियों को जड़ से समाप्त कर देगा। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों को साल में 100 के स्थान पर 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। इस योजना के तहत अब केवल कच्चे काम नहीं होंगे, बल्कि जल संसाधन और पक्की सडक़ों जैसी स्थायी संपत्तियों का निर्माण होगा, जिससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। यह सहकारी संघवाद का मॉडल है। जिसमें केन्द्र : राज्य 60:40 प्रतिशत भागीदारी से जवाबदेही बढ़ेगी।

योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता है, जिसमें एआई, जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से कार्यों की निगरानी होगी और हर छह महीने में डिजिटल सोशल ऑडिट किया जाना अनिवार्य होगा। राज्यमंत्री ने कहा कि योजना में श्रमिकों के हितों का ध्यान रखते हुए साप्ताहिक भुगतान को अनिवार्य किया गया है और दो सप्ताह से अधिक की देरी होने पर स्वत: मुआवजे का कड़ा प्रावधान रखा गया है।

इस दौरान देवली-उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर, जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, सीईओ परशुराम धानका, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामरतन सौंकरिया, डीएलओ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

विज्ञापन