अयोध्या राम मंदिर ,बद्रीनाथ धाम के बाद राजस्थान के बुटाटी धाम में करोड़ों का गबन

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। देश हो या प्रदेश के धार्मिक स्थल आस्था के केंद्र के साथ ही लोगों के लिए लूट खसोट का केंद्र भी बन रहे हैं। अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के बाद उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चंदा चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर मचा बवाल अभी शांत भी नहीं हुआ कि राजस्थान के बुटाटी धाम में भी करोड़ों रुपए के गबन का मामला सामने आया है। गबन का मामला सामने आने के बाद धाम की समिति के अध्यक्ष सहित 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की जहां समिति ने सिफारिश की है।
लकवा रोगियों की उपचार का केंद्र और धार्मिक आस्था का प्रतीक राजस्थान के नागौर जिले में स्थित बुटाटी लगभग 500 साल पुराने संत चतुरदास जी महाराज मंदिर( बुटाटीधाम) में करोड़ों रुपए के गबन का मामला जिला कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में सामने आया है।
बुटाटी धाम करोड़ों रुपए के गवन की शिकायत पर तत्कालीन जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने 29 जनवरी 2026 को पहले 6 सदस्य जांच समिति गठित की और बाद में उसमें 7 और सदस्य जोड़े गए और इस तरह 13 सदस्यीय समिति हो गई। इस जांच कमेटी ने मंदिर समिति के खाता, बैंक लेनदेन,वाउचर और अन्य दस्तावेजों की जांच की जिसमें गड़बड़ी व गबन पाया गया। इसके साथ ही जांच कमेटी में सोना चांदी के लेखांकन से लेकर भोजनशाला निर्माण किराया आदि दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की तो उसमें भी गबन और फंड का दुरुपयोग सामने आया।
जांच में इस तरह आया घोटाला
आभूषणों का रिकॉर्ड- जांच के दौरान समिति के सामने आया की पुरानी मंदिर समिति के पास 36 किलो चांदी 250 ग्राम सोना था जबकि नई समिति के कार्यभार ग्रहण करते समय 35 किलो 500 ग्राम चांदी और 280 ग्राम सोना बताया और वर्तमान में 2.60 करोड़ मूल्य की संपत्ति है लेकिन लेखा में दर्ज नहीं है।
ग्राम विकास में खेल-
सन 2024 25 में ग्राम विकास पर 31.37 लाख खर्च दर्शाया गया है। ना ठेकेदारों का रिकॉर्ड न भौतिक प्रमाण पत्र,कंप्यूटर, फर्नीचर के नाम पर 97.48 लाख रुपए बिना बिल बिना कार्यदेश के खर्च दिखाए गए।
सीसीटीवी खर्च-धाम में सीसीटीवी कैमरों पर 82.41 लाख खर्च किए गए, लेकिन कोई निविदा नहीं मिली लेकिन एम जंक्शन सर्विसेज के नाम पर 58.14 लाख का भुगतान दर्ज है। वाउचर राना बाई ट्रेडर्स के नाम मिले इसमें भी गड़बड़ी माना गया।
दान पेटी और खातों में बड़ा अंतर- दान पेटी की आय ऑडिट रिपोर्ट अलग-अलग प्रविष्टियां दर्ज मिली। 2023-24 और 2024-25 की आय में अंतर,ग्राम सेवा सहकारी बैंक खाते में 3.48 लाख ग्रामीण बैंक खाते में 1.75 लाख रुपए का अंतर मिला।
रसोई में फर्जी खर्च- जांच में सामने आया कि बुटाटी धाम की भोजशाला निर्माण पर 49.49 लाख खर्च दिखाया गया जबकि ग्राउंड फ्लोर पर पूरा निर्माण एक भामाशाह ने कराया था समिति ने फर्जी बिल लगा मंदिर निधि से राशि निकल ली। रसोई खर्च एक साल में 335% बढ़ गए।

गौशाला में मिली अनियमितता – जांच में सुलभ कांप्लेक्स से प्राप्त 18.12 लाख का किराया मुख्य लेखा पुस्तकों में दर्ज नहीं मिला तथा गौशाला रखरखाव के नाम पर 17.87 लाख खर्च दिखाया गया जबकि समिति ने राशि मिलने से इनकार किया है और सुरक्षा व्यवस्था में 31.33 लाख रुपए खर्च बताए गए हैं।
1 साल का रिकॉर्ड नहीं दिया- प्रशासनिक जांच समिति ने 146 दिन तक जांच पड़ताल के बाद 23 जून 2026 को अपनी रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंप दी। जांच रिपोर्ट के अनुसार सन 2023-24 और सन 2024- 25 में 15.16 करोड़ का प्रमाणित गबन सामने आया। तथा सन 2025-26 के रिकॉर्ड जांच दल को उपलब्ध नहीं कराने पर प्रतिकूल अनुमान पर 7.58 करोड़ का गबन जोड़ते हुए कुल 22.74 करोड़ की कथित गबन का आंकलन किया गया।
अध्यक्ष सहित 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश
एसडीएम ने रिपोर्ट मैं संत श्री चतुरदास जी महाराज मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित तत्कालीन व वर्तमान 11 सदस्यों के खिलाफ आपराधिक विश्वास का धोखाधड़ी, खातों के मिथ्याकरण और साक्ष्य नष्ट करने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। निजी संपत्तियां कुर्क करने की भी मांग की गई है।
