मुस्कान,सोनम,सिया,रूबी, संध्या के बाद अब रेवाड़ी की तनु

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। पिछले कुछ समय से लगातार पति-पत्नी के रिश्ते के कई चर्चित दिन दहला देने वाले अपराधिक मामले सामने आए जिनमें मेरठ की मुस्कान मेघालय हनीमून मर्डर केस के आरोपी सोनम रघुवंशी पुणे की सिया गोयल आगरा की रूबी तेलंगाना की संध्या और अब हरियाणा के रेवाड़ी की तनु। इन घटनाओं ने रिश्ते में भरोसे का खून अपराध और सामाजिक बदलाव को लेकर देश भर में एक नई बहस छेड़ने के साथ ही परिजनों और युवा पीढ़ी को सोचने पर मजबूर कर दिया तथा परिजनों में दहशत और डर का वातावरण उत्पन्न कर दिया है।
हालांकि इन सभी मामलों में अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही होगा। ताजा मामला हरियाणा के रेवाड़ी जिले मैं सामने आया है जहां शादी के 17 दिन बाद ही तनु ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की नहर में डुबोकर हत्या कर दी और उसे आत्महत्या का रूप दे दिया लेकिन परिजनों के प्रयास मोबाइल की डिटेल और सीसीटीवी कैमरे ने यह राज खोल दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हरियाणा के रेवाड़ी जिले की ढाणी जड्थल निवासी मोनू (21) की पिछले महीने ही निकटवर्ती गांव के रहने वाली तनु से पारंपरिक रीति रिवाज के अनुसार संपन्न हुई थी। मोनू फैक्ट्री में काम करता था। तनू का पीहर में अपने पड़ोस में ही रहने वाले सोनू नामक युवक से तनु का प्रेम प्रसंग चल रहा था।
प्रेम प्रसंग का ऐसे चला पता
तनु पग फैरे के लिए एक दिन अपने पीहर जाकर वापस ससुराल आई और 10 दिन रही। इस दौरान फोन पर अपने प्रेमी सोनू के साथ बातचीत जारी रही लेकिन एक दिन इसका पता तनु के पति मोनू को चल गया और इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इस झगड़े के बारे में मोनू को फैक्ट्री में जाने के बाद तनु ने अपने प्रेमी सोनू को बताया और दोनों ने निश्चय किया कि मोनू को रास्ते से हटाना है।
यह थी योजना और इस तरह दिया अंजाम
10 दिन ससुराल में रुकने के बाद तनु फिर अपने पीहर गई और वहां पर अपने प्रेमी सोनू के साथ मिलकर योजना बनाई और योजना के तहत 8 जून को तनु ने अपने पति मोनू को फोन कर प्यार भरी बातें की और कहा कि क्या आप मेरे से मिलने नहीं आओगे, मिलने आओ ना। मोनू ने उसे हां भरते हुए घर पर बिना कुछ यह बताएं कि वह तनु से मिलने जा रहा है और स्कूटर लेकर निकल गया। अपने ससुराल पहुंचने पर तनु ने योजना के अनुसार गांव के बाद नहर के पास ही से मिलने के लिए कहा जब मोनू के पास पहुंचा तनु मिली और सोनू भी वही था। दोनों योजना के अनुसार एक जने ने मोनू का नाक पकड़ा दूसरे ने मुंह दबाया जिससे उसका दम घूट गया और फिर उसे बेहोशी की हालत में नहर में डुबोकर मार दिया ताकि यह एक आत्महत्या लगे कहीं भी शरीर पर चोटों के निशान ना मिले।
घर वालों को ऐसे पता चला
इधर जब मोनू 2 दिन तक जब घर नहीं पहुंचा तो घर वालों ने तलाश शुरू की और पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दी । 10 जून को नहर के पास एक लाश मिलने की खबर मिली इस खबर पर मोनू के परिजन और उसका भाई अमित भी मौके पर पहुंचे तो वहां मोनू का स्कूटर बाहर पड़ा मिला । लाश की पहचान अमित ने अपने भाई मोनू के रूप में की। पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करा कर लाश परिजनों को सौंप दी ।
तनु ने की यह नौटंकी
परिजन लाश को घर ले आए और रीति रिवाज के अनुसार दाह संस्कार कर दिया मोनू के मौत की खबर सुनकर तनु भी ससुराल पहुंच गई और दिखावे के रूप में नाटक करते हुए रोने लगी। मोनू की मौत के मातम पर बैठने के लिए तनु का प्रेमी सोनू भी वहां आया था।
मोबाइल से हुई शंका
इधर पुलिस में लाश के पास मिली सारी चीजें मृतक के भाई अमित को सुपुर्द की इसमें एक मोबाइल भी था। जब अमित ने मोबाइल चालू किया तो देखा कि सारे कॉल डिटेल व चैट सभी डिलीट थे तो उसे शंका हुई की मोनू ने मरने से पहले आखिर अपने सारे चैट और मोबाइल कॉल डिटेल क्यों डिलीट किया।
मोबाइल पर सीसीटीवी फुटेज ने आरोपियों तक पहुंचाया ऐसे
इधर तनु 7 दिन ससुराल में रहने के बाद वापस पीहर चली गई। इधर अमित ने अपने स्तर पर शंका को लेकर जहां लाश मिली थी अपने भाई की उसके आसपास के सीसी टीवी फुटेज एकत्र किए जिसमें एक फुटेज में तनु उसका भाई मोनू और जो लड़का उसके भाई की मौत पर बैठने आया था सोनू वह वहां नजर आए। यह देखकर अमित की शंका और बढ़ गई और उसने थाने में सारे सबूत ले जाकर अपने भाई की हत्या की आशंका जताते हुए सोनू और तनु पर शंका जाहिर की ।
थानेदार से लेकर एसपी तक ने नहीं की कार्रवाई
थाना प्रभारी में यह सबूत पर्याप्त नहीं बताते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया और कहा कि पोस्टमार्टम में भी मोनू की मौत डूबने से होना आया है और उनको वहां से रवाना कर दिया अमित और उसके परिजन पुलिस के उच्च अधिकारियों से मिले एस पी से मिले लेकिन उन्हें सब जगह निराशा मिली।
सीएम के डर से पुलिस आई हरकत
इसी बीच 29 और 30 जून को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह दौरे पर जाते समय रेवाड़ी रुकने के कार्यक्रम की जानकारी जब मृतक मोनू के भाई अमित और परिजनों को लगी तो उन्होंने निश्चय किया कि वह किसी भी तरह सीएम से मिलकर उन्हें पूरी घटना बताएंगे। इसकी भनक जब थाना प्रभारी और पुलिस को लगी तो वह मृतक मोनू के घर पहुंचे और परिजनों को कहा कि आप सीएम से ना मिले चुप रहे हम कार्रवाई करेंगे। लेकिन अमित और उसके परिजनों को पुलिस पर विश्वास नहीं था क्योंकि उनका विश्वास और भरोसा नहीं होने पर वह सीए से मिलने पर अडे रहे।
अखिल ऐसे गिरफ्तार हुए तनु और सोनू
पुलिस ने अमित और उसके परिवार वालों की इरादे देखकर अनुमान लगाया कि अगर यह मुख्यमंत्री से मिल गए तो पूरा थाना सस्पेंड हो जाएगा इस पर उन्होंने परिजनों को आश्वस्त करते हुए मृतक मोनू की पत्नी तनु और उसके प्रेमी सोनू को थाने लाकर जब सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने मोनू की हत्या करना स्वीकार करते हुए यह पूरी घटना बयां कर दी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
