राजस्थान की राजनीति में कुछ बड़ा होने वाला

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार
। राजस्थान कि भाजपा सरकार में आने वाले दिनों में कोई बड़ा खेला हो जाए तो इसमें अतिशयोक्ति नहीं होगी। इसमें कुछ दिनों से सरकार के वरिष्ठ मंत्री दिल्ली दरबार में हाजिरी दे रहे हैं।
इस घटना का से राजस्थान की राजनीति में चर्चाओं का दौर से शुरू हो गया है और इस संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से पूर्व की प्रक्रिया माना जा रहा है। पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई अधिकृत जानकारी सामने नहीं आई है।
राजस्थान सरकार के सबसे चर्चित रहने वाले मंत्री डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा दिल्ली दरबार में पहुंचे और पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात गलियारे में चर्चा है किसी विभाग की ओर से हुई छापेमारी की कार्रवाई और उससे जुड़े विवादों को लेकर मंत्री किरोड़ी में अपना पक्ष भाजपा के सिर में नेताओं और पदाधिकारी के सामने रखा है।
इसके बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर दिल्ली पहुंचे और उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ-साथ पार्टी के शीर्ष नेताओं से भेंट की और उन्होंने भी अपना पक्ष रखा।
राजस्थान में पिछले दो माह की अवधि के दौरान तीन जिलों में लगातार प्रसुताओं किसी किरण डिलीवरी के दौरान किडनी फेल होने और छह प्रसुताओं की मौतें होने की हालत खराब होने को लेकर प्रदेश भर में मत रहे भोपाल एवं उनके द्वारा दिए गए विवादित बयानों को लेकर शायद खींवसर ने अपने मुंह से सफाई दी। प्रदेश के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर भी दिल्ली में प्रदेश के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ भाजपा संगठन की महामंत्री बी एल संतोष से भेंट करने का कार्यक्रम है।
दिलावर शिक्षा विभाग के फैसलों और सार्वजनिक मंच से तथा मीडिया और अन्य कार्यक्रमों में दिए जाने वाले अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में है और इसी को लेकर वह अपना पक्ष अर्थात सफाई देंगे।
सरकार की जनता मंत्री कन्हैया लाल चौधरी भी दिल्ली दरबार में हाजिर और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। चौधरी डी अपने कामकाज और सार्वजनिक तौर एवं मीडिया को बातचीत में दिए गए बयानों को लेकर चर्चाओं में है।
सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में सरकार के उसे अन्य मंत्री राज्य मंत्री दिल्ली दरबार में हाजिरी देने जा सकते हैं और पार्टी के शीर्ष नेताओं से की भेंट प्रस्तावित बताई जा रही है।
सरकार के वरिष्ठ मंत्री एवं अन्य मंत्रियों की दिल्ली दरबार में हाजिरी और नेताओं से भेंट के इस सिलसिले से राजनीतिक गलियां तेजी से हो रहा है कि सिर्फ पार्टी ने राजस्थान सरकार के मंत्रियों के कामकाज काफी है और यह फीडबैक का कारण प्रदेश की प्रतीक्षित संभावित मंत्रिमंडल विस्तार या फिर बदल को लेकर मंथन माना जा रहा है।
इन सब घटनाओं को लेकर चर्चा है की राजस्थान सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं और अब मंत्रिमंडल में बदलाव और विस्तार हो सकता है। इस विस्तार में वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में बदलाव के साथ-साथ कुछ मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग है।
उनसे विभाग का बोझ कम किया जाएगा तो कुछ मंत्रियों की मंत्रिमंडल से भी छुट्टी होगी और कुछ नए अनुभवी चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा और इस मंत्रिमंडल विस्तार और बदलाव में जाति का समीकरण का ध्यान रखे जाने की पूरी संभावना है इसके पीछे कारण है की आने वाले पंचायत और नगर निकाय चुनाव में पार्टी को अपना परचम फहराया है।
