मंत्री दिलावर जी आपकी जिद्द भाजपा को ले डूबेगी,संघ कार्यकर्ता प्रिंसिपल ने ऐसे दर्द किया सोशल मीडिया पर बयां

तबादले के 7 महीने के बाद भी प्रिंसिपल रिलीव नहीं, ग्रामीण और विद्यार्थियों ने स्कूल के जड़ा ताला,करो रिलीव
मंत्री दिलावर जी आपकी जिद्द भाजपा को ले डूबेगी,संघ कार्यकर्ता प्रिंसिपल ने ऐसे दर्द किया सोशल मीडिया पर बयां

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। राजस्थान में शिक्षा विभाग के एक प्रिंसिपल व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय कार्यकर्ता ने अपना दर्द सोशल मीडिया पर बयां करते हुए स्पष्ट लिखा की मैं तो वीआरएस अर्थात ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले लूंगा लेकिन माननीय मंत्री दिलावर जी आपकी जिद्द बीजेपी को ले डूबेगी।

राजस्थान में तबादला एक्सप्रेस के दौरान शिक्षा विभाग में हुए तबादलों को लेकर बवाल और सियासत मची हुई है। तबादले से आहत धौलपुर जिले मैं सरकारी स्कूल में पदस्थ प्रिंसिपल ओमवीर पेलावत (59) का तबादले के दौर में 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ जिले में तबादला कर दिया गया।

तबादले से आहत प्रिंसिपल ओमवीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिखी है जिसमें उन्होंने लिखा कि मेरे पिताजी भारतीय जनता पार्टी के ईमानदार कार्यकर्ता रहे हैं इस बात को सम्माननीय वसुंधरा राजे जी जानती है मैं भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का द्वितीय वर्ष शिक्षित कार्यकर्ता हूं मैंने भी कई बार भाजपा का जिला प्रमुख और प्रधान बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

मैंने प्रमोशन स्वीकार कर लिया और मुझे 59 साल की उम्र में 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ भेज दिया। दुर्भाग्य यह रहा कि मेरा रिक्त स्थान पर भी तबादला नहीं किया । खैर मैं तो वीआरएस ( ऐच्छिक सेवानिवृत्ति) ले लूंगा लेकिन माननीय शिक्षा मंत्री दिलावर जी आपकी जिद्द बीजेपी को ले डूबेगी। ओमवीर की इस पोस्ट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही है।

कैबिनेट मंत्री कुमावत के बेटे का 24 घंटे में तबादला रद्द

दूसरी और राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के बेटे दोनों दीपक कुमावत पंचायत समिति सुमेरपुर पाली में सहायक प्रोग्रामर के पद पर पदस्थ हैं इसका तबादला 9 जुलाई को पंचायत समिति जालोर कर दिया गया था लेकिन मात्र 24 घंटे बाद ही 10 जुलाई को आदेश निरस्त कर उन्हें यथावत पद स्थापित कर दिया गया । दीपक कुमावत के तबादला निरस्त होने के बाद सोशल मीडिया पर मंत्री और उनके बेटे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है यूजर्स इस फैसले को लेकर सवाल उठा रहे हैं तथा तबादला प्रक्रिया में कथित दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाते हुए सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

तबादले के 7 महीने बाद भी प्रिंसिपल रिलीव नहीं, ग्रामीण और विद्यार्थियों में आक्रोश,स्कूल के जड़ा ताला,प्रिंसिपल को करो रिलीव

शिक्षा विभाग में‌यह क्या चल‌ रहा है।‌एक तरफ तो वर्तमान में हुए तबादला में गड़बड़ियां हुई है वहीं दूसरी ओर बाड़मेर जिले के नोखड़ा के आडेल गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल भैराराम का तबादला करीब 7-8 महीने पहले उदयपुर हो गया था इस तबादले को लेकर प्रिंसिपल ने कोर्ट से स्टे लिया था वह भी अब खारिज हो गया है।

लेकिन इसके बाद भी प्रिंसिपल यहां से रिलीव नहीं हो रहे हैं। स्कूल के विद्यार्थियों अभिभावकों और ग्रामीण प्रिंसिपल से नाराज है और उनका कहना है कि जब उनको यहां से हटा दिया गया है तो तो यहां से जा क्यों नहीं रहे हैं उनको यहां से रिलीव किया जाए। इस बात की पुष्टि ओखड़ा के तहसीलदार दिनेश बिश्नोई ने की है।

प्रिंसिपल भेराराम के रिलीव नहीं होने से आक्रोशित विद्यार्थी अभिभावक और ग्रामीणों ने स्कूल के ताला जड़ दिया जब प्रिंसिपल भैराराम सवेरे स्कूल पहुंचे तो ताला लगा देखा और चाबी के बारे में पूछा जवाब नहीं मिलने पर प्रिंसिपल ने पत्थर से ताला तोड़ने का प्रयास किया इस दौरान वहां धरने पर मौजूद भीड़ में से एक युवक ने प्रिंसिपल की कॉलर पकड़ धक्का दे दिया और नीचे गिरा दिया वहां मौजूद लोगों ने भी प्रिंसिपल से धक्का मुक्की की । जब बात नहीं बनी तो प्रिंसिपल भैराराम दीवार फांदकर स्कूल में घुस गया। इससे ग्रामीण और आक्रोशित हो गए । सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस और तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझा कर शांत किया और उच्च अधिकारियों को घटना से अवगत कराया ।

सवाल जो मांग रहे हैं जवाब

जब प्रिंसिपल भैराराम का तबादला हो गया और उनके द्वारा कोर्ट से स्टे लेने के उपरांत कोर्ट का स्टे भी खत्म हो गया तो जिले के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी ने उनको रिलीव क्यों नहीं किया ?‌ शिक्षा निदेशालय से भी अधिकारियों ने सीडीईओ व डीईओ से जवाब तलब क्यों नहीं किया? आखिर कौन है इसके लिए जिम्मेदार ? क्या जिम्मेदारों पर भी गिरेगी गाज ?

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