विशाल कावड़ यात्रा 9,5000 से अधिक शिव भक्त होंगे शामिल , 51 फीट कावड़ होगी आकर्षण का केंद्र

भीलवाड़ा / अमन ठठेरा। श्रावण मास के पावन अवसर पर महंत मोहन शरण शास्त्री महाराज के पावन सानिध्य में पूर्वांचल जनचेतना सेवा समिति के तत्वावधान में रविवार, 09 अगस्त को विशाल, भव्य एवं दिव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
महंत मोहन शरण शास्त्री महाराज ने बताया कि कावड़ यात्रा प्रातः 8:30 बजे निंबार्क आश्रम, गांधीनगर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए हरणी महादेव मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक किया जाएगा।
कावड़ में इस बार देश के विभिन्न पवित्र तीर्थस्थलों से लाए गए पावन जल को विशेष कलशों में एकत्रित कर कांवड़ में स्थापित किया जाएगा। इसी पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, श्रद्धा, सेवा, अनुशासन एवं सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यात्रा के माध्यम से समाज में धार्मिक जागरूकता, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया जाएगा।
मीडिया प्रभारी विक्रम झा ने बताया कि इस वर्ष यात्रा में लगभग 5000 शिवभक्तों के शामिल होने की संभावना है। यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण 51 फीट की भव्य कांवड़ रहेगी। उन्होंने बताया कि सभी कांवड़िए नंगे पैर यात्रा करेंगे।
महिला, पुरुष, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बनेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षा, भजन-कीर्तन एवं प्रसादी सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। हरणी महादेव मंदिर पहुंचने के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक, महाआरती एवं विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
पूर्वांचल जनचेतना सेवा समिति के अध्यक्ष अरुण राय ने बताया कि समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में श्रद्धा, सेवा एवं सामाजिक समरसता की भावना के साथ इस विशाल कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाता है। उन्होंने सभी शिवभक्तों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में सहभागी बनकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में संरक्षक विजयानंद झा, आनंद राय, एच.एल. बघेल, अशोक सिंह, सचिव ओम प्रकाश सिंह, हंसराज यादव एवं संतोष झा, सुरेश चंद्रवंशी, राधा मोहन यादव, रोशन सिंह सहित समिति के सभ सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
