भीलवाड़ा एडीपीसी डॉ. शर्मा को फिर मिली चार्जशीट

भीलवाड़ा।बनेड़ा ब्लॉक में स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल के निर्माण में घोटाले को लेकर जिला कलेक्टर ने खबरें प्रसारित होने के बाद कार्रवाई करते हुए तत्कालीन प्रिंसिपल एवं वर्तमान में एडीपीसी अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा डॉ. श्रीमती कल्पना शर्मा को चार्जशीट जारी की है। श्रीमती शर्मा को 6 माह में यह दूसरी बार चार्जशीट मिली है। जबकि तीसरी बीकानेर में प्रस्तावित है ।
जिला कलेक्टर जसमीत संधू ने राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण और अपील) नियम 1958 के नियम 17 के अंतर्गत अनुशासनिक जांच कार्यवाही किए जाने का निर्णय लिया गया है अर्थात 17 सीसी के अंतर्गत चार्जशीट जारी की गई है।
चार्जशीट में यह आरोप
प्रधानाचार्य स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल बनेड़ा में कार्यरत रहने के दौरान मॉडल स्कूल बनेड़ा के प्राथमिक भवन निर्माण के समय रही कमियों के संबंध में आपको जानकारी होने के बावजूद समस्त कमियों को पूर्ण निराकरण हुए बिना दिनांक 18 मई 2022 को भवन का हैंडोवर/ टेकओवर स्वीकार कर हस्ताक्षर किए गए। जबकि उसी दिन एसडीएमसी की बैठक में प्रस्ताव द्वारा शेष कमियों को 10 दिवस में पूर्ण करने हेतु पाबंद किया गया था परंतु आप द्वारा उक्त कमियों के निराकरण की पुष्टि किए बिना इसी दिनांक 18 मई 2022 को भवन का हैंडोवर टेक ओवर स्वीकार किए गए। इस प्रकार आपका उक्त कृत्य अपने पदीय कर्तव्यों का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन नहीं किया जाकर राजकाज के प्रति शिथिलता एवं लापरवाही बढ़ती गई है जो कि आपका पदीय कर्तव्यों के प्रति गंभीर प्रशासनिक एवं पर्यवेक्षणीय लापरवाही एवं उदासीनता का घोतक है। कलेक्टर संधू ने विद्यालय की तत्कालीन प्रिंसिपल एवं वर्तमान में एडीपीसी डॉ. श्रीमती शर्मा से इस संबंध में सात दिवस का समय देते हुए जवाब मांगा है।
6 महीने में यह दूसरी चार्जशीट
विदित है कि डॉ श्रीमती शर्मा को 6 माह की अवधि में यह दूसरी चार्जशीट जारी हुई है इससे पूर्व जिला कलेक्टर जसमीत संधू ने फरवरी 2026 में जारी की थी और उसमें एडीपीसी डॉ. शर्मा के जवाब से संतुष्ट नहीं होते हुए दोषी करार देते हुए दो असचय वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए थे जिसकी पालन कर ली गई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही आरोप में
तत्कालीन प्रिंसिपल एवं वर्तमान एडीपीसी डॉ. श्रीमती शर्मा ने 18 मई 2022 को एसडीएमसी की मीटिंग में प्रस्ताव लिया कि विद्यालय भवन निर्माण में यह कमियां है और इनको 10 दिन में पूर्ण करने के लिए ठेकेदार व कार्यकारी एजेंसी को पाबंद किया जाए लेकिन आश्चर्य की बात है इसी तारीख को अर्थात 18 मई 2022 को ही प्रिंसिपल डॉ. श्रीमती शर्मा ने विद्यालय का हैंडोवर व टेक ओवर ले लिया। आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी जो एक तरफ प्रस्ताव ले रहे हैं दूसरी तरफ उसी दिन विद्यालय की सुपुर्दगी की ठेकेदार से ले ली। इससे यह प्रतीत होता है कि इस मामले में भ्रष्टाचार के संकेत की ओर इंगित करता है ?
हमने इस मामले का किया था खुलासा
इस मामले को लेकर हमने 8 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा नौनिहालों का भविष्य। 1.17 करोड़ की लागत से बना भवन चार साल में जर्जर शीर्षक से विस्तृत खबर प्रकाशित की थी। इस खबर के प्रकाशित होने के बाद जिला कलेक्टर जसमीत संधू ने इसे गंभीरता से लिया और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अरूणा गारू को इस मामले की गहनता से जांच करने के आदेश दिए थे। कलेक्टर के आदेश पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती गारू ने सीबीईओ, प्रिंसिपल और सहायक लेखा अधिकारी की कमेटी बनाकर जांच की जिसमें जांच कमेटी ने तत्कालीन स्कूल प्रिंसिपल एवं वर्तमान एडीपीसी डॉ. श्रीमती शर्मा तथा तत्काल एईएन(AEN) और JEN को दोषी माना था।
एक मामला और है विचाराधीन
जिले में जर्जर विद्यालयों को लेकर सरकार शिक्षा विभाग और निदेशालय द्वारा भीलवाड़ा जिले में खामियां और निर्देशो की पालना नहीं पाई जाने पर जिला कलेक्टर को अवगत कराते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे इस पर जिला कलेक्टर ने
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी भीलवाड़ा से रिपोर्ट ली और इस रिपोर्ट में अतिरिक्त मुख्य जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा अर्थात एडीपीसी की मॉनिटरिंग कमी सामने आने पर कलेक्टर के दिशा निर्देश पर एडीपीसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव बनाकर बीकानेर निदेशालय भिजवाए गए थे जो अभी विचाराधीन है ?
