राजस्थान के इस कलेक्टर को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सुनाया यह फरमान

व्यक्तिगत कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर दंडात्मक या बलपूर्वक कदम उठाए जा सकते हैंडॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार
राजस्थान के इस कलेक्टर को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सुनाया यह फरमान

जयपुर । हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राजस्थान के श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के लिए तलब किया है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश चिराग भानु सिंह की खंडपीठ ने पुनर्वास से जुड़े आदेश की अनुपालना से संबंधित निष्पादन याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिला कलेक्टर को आगामी 23 सितंबर 2026 को हर हाल में व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि यदि अधिकारी अगली तारीख पर अदालत में उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त दंडात्मक या बलपूर्वक कदम उठाए जा सकते हैं।

हाईकोर्ट ने राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर को किया तलब सुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर की ओर से व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए आवेदन दाखिल किया गया था। आवेदन में अदालत को बताया गया कि राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा हो चुकी है और चुनाव प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में जिला कलेक्टर की प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण उनके लिए अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना संभव नहीं है। अदालत ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा तारीख पर व्यक्तिगत पेशी से छूट देने का निर्णय लिया

अगली सुनवाई में अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य

हालांकि, कोर्ट ने अगली तारीख को लेकर कोई नरमी नहीं दिखाई और 23 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का स्पष्ट निर्देश दिया। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि अगली सुनवाई में आदेश का पालन नहीं किया गया तो उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इससे पहले जुलाई 2026 में संसद के मानसून सत्र के चलते भी जिला कलेक्टर को व्यक्तिगत पेशी से छूट दी गई थी। इस तरह अदालत ने अब अगली सुनवाई पर अधिकारी की मौजूदगी को अनिवार्य कर दिया है।

यह है पूरा मामला?

दरअसल, मामला हाईकोर्ट के पूर्व आदेश की अनुपालना से जुड़ी निष्पादन याचिका के रूप में अदालत के सामने आया है। मामले में पौंग बांध विस्थापित पुनर्वास से संबंधित आदेश के पालन को लेकर अदालत में कार्यवाही चल रही है। इसी सिलसिले में श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राहत केवल वर्तमान सुनवाई तक सीमित है और अगली सुनवाई में उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना ही होगा।‌ अब मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर 2026 को होगी, जिसमें जिला कलेक्टर को अदालत में मौजूद रहकर पूर्व आदेश की अनुपालना से जुड़े मामले में स्थिति स्पष्ट करनी होगी।‌

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