भाजपा का दुपट्टा, निर्दलीय विधायक कोठारी और खामोश सियासत

निर्दलीय विधायक कोठारी भाजपा की मजबूरी है, याभीलवाड़ा के निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी के भाजपा कार्यक्रम में नजर आने से उठे कई सियासी सवालभाजपा और विपक्ष कांग्रेस नेता क्यों खामोश ?डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार
भाजपा का दुपट्टा, निर्दलीय विधायक कोठारी और खामोश सियासत

जयपुर।भीलवाड़ा। शहर की सियासत में इन दिनों एक तस्वीर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलवाड़ा के निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी भाजपा का दुपट्टा पहनकर पार्षदों के चुनाव में भाजपा पार्षदों कार्यालयों के उद्घाटन कार्यक्रमों में नजर आए। सवाल यह है कि आखिर निर्दलीय विधायक का भाजपा के कार्यक्रम में पार्टी के दुपट्टे के साथ शामिल होना महज औपचारिकता है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है?

यह बड़ा सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या अशोक कोठारी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है? यदि उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली है तो इसकी आधिकारिक घोषणा कब और किस स्तर पर हुई? और यदि उन्होंने सदस्यता नहीं ली है तो फिर भाजपा का दुपट्टा पहनकर पार्टी कार्यालय के उद्घाटन में शामिल होने की राजनीतिक वजह क्या है?

‘चुनाव व्यक्तित्व से लड़े जाते हैं, सिंबल से नहीं’—तो फिर भाजपा का दुपट्टा क्यों?

 

निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी पूर्व में यह कहते रहे हैं कि चुनाव व्यक्तित्व से लड़े जाते हैं, सिंबल से नहीं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठ रहा है कि जब चुनाव जीतने के लिए पार्टी सिंबल को निर्णायक नहीं माना गया, तो अब भाजपा के दुपट्टे के साथ पार्टी के कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को किस रूप में देखा जाए?

क्या यह केवल सामाजिक-राजनीतिक कार्यक्रम में शिरकत है, या फिर निर्दलीय विधायक की राजनीतिक नजदीकियां अब भाजपा के साथ खुले तौर पर दिखाई देने लगी हैं?

भाजपा नेता मौन क्यों?

इस पूरे मामले में भाजपा के स्थानीय नेताओं की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। यदि कोठारी भाजपा में शामिल हो चुके हैं तो पार्टी की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा क्यों नहीं की गई? और यदि वे भाजपा के सदस्य नहीं हैं तो भाजपा के दुपट्टे में उनका पार्टी कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होना क्या संकेत देता है?

भाजपा नेता इस पूरे घटनाक्रम से अनजान हैं या फिर राजनीतिक समीकरणों के चलते चुप हैं? यह सवाल भी अब शहर की राजनीतिक चर्चाओं में जोर पकड़ रहा है।

कांग्रेस की खामोशी भी सवालों के घेरे में

दूसरी ओर, कांग्रेस के स्थानीय नेता भी इस मुद्दे पर मुखर नजर नहीं आ रहे हैं। यदि कांग्रेस को लगता है कि निर्दलीय विधायक ने भाजपा की औपचारिक सदस्यता ग्रहण कर ली है, तो फिर कांग्रेस की ओर से इस मामले को विधानसभा के स्तर पर उठाने की पहल क्यों नहीं की जा रही?

वहीं, यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी निर्दलीय विधायक द्वारा किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करने की स्थिति में विधानसभा सदस्यता पर क्या संवैधानिक एवं कानूनी प्रभाव पड़ता है, इसका निर्धारण संबंधित नियमों और तथ्यों के आधार पर ही होगा। इसलिए केवल भाजपा का दुपट्टा पहनना अपने आप में सदस्यता समाप्त होने का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता।

तस्वीर एक, सवाल अनेक

फिलहाल भीलवाड़ा की राजनीति में तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन सवाल जरूर साफ दिखाई दे रहे हैं क्या अशोक कोठारी भाजपा में शामिल हो गए हैं?

यदि हां, तो इसकी औपचारिक घोषणा क्यों नहीं?

यदि नहीं, तो भाजपा का दुपट्टा क्यों?

भाजपा के नेता चुप क्यों हैं?

और कांग्रेस इस मुद्दे पर आवाज क्यों नहीं उठा रही है?

अब नजर इस बात पर है कि अशोक कोठारी, भाजपा और कांग्रेस इन तीनों में से कौन इन सवालों का जवाब देता है और कौन अपनी खामोशी बरकरार रखता है।

भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने क्या कहा

सवाल- क्या निर्दलीय विधायक कोठारी भाजपा के सदस्य हैं।

जवाब- निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी भाजपा के प्राथमिक सदस्य तक नहीं है।

सवाल- फिर भाजपा के चुनाव कार्यालय में उद्घाटन में कैसे आ रहे हैं।

जवाब- उन्होंने केवल भाजपा को समर्थन दिया है। इस समर्थन कितना आ रहे हैं।

सवाल- क्या यह भाजपा संगठन की रीति नीति और अनुशासनता के अनुसार सही है।

जवाब- मैं नहीं बता सकता, प्रदेश नेतृत्व बताएंगे

विधायक कोठारी का यह ..

इस संबंध में जब निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी का पक्ष जानने के लिए उन्हें उनके निजी मोबाइल पर दो बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया तब उनके प्रतिनिधि से वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि मैं विधायक जी से बात करता हूं लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं कराई

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