भिवाड़ी में बिना लाइसेंस चल रहा दवाईयों के गोदाम पर छापा

4 करोड़ की दवाइयां जप्तजब दवाइयां के 18 नमूनो में से 5 फैलसिप्रोफ्लॉक्सासिन, टेपेंटाडोल और डाइक्लोफेनाक-कैफीन संयोजन वाली दवाइयां जांच में फैलडॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार
भिवाड़ी में बिना लाइसेंस चल रहा दवाईयों के गोदाम पर छापा

जयपुर।राजस्थान सरकार द्वारा दवाइयां बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ जांच पड़ता अल और कार्रवाई के तहत खैरथल तिजारा के भिवाड़ी में बिना लाइसेंस के संचालित दवा गोदाम पर डाले गए छापे के बाद वहां से करीब चार करोड़ की दवाइयां जब तक की गई थी जब तक की गई दवाइयां की जांच पड़ताल में प्रारंभिक स्तर पर पांच दवाइयां ए मानक अर्थात फेल पाई गई है जबकि अन्य दवाइयां की जांच रिपोर्ट हरियाणा बाकी है।

 

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि

गोपनीय सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में लगभग 1,500 कार्टन दवाइयां और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। इनकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपये थी। न्यायालय के आदेशानुसार जब्त सामग्री औषधि नियंत्रण अधिकारी की अभिरक्षा में रखी गई है ।

यह दवाइयां की गई जब्त

श्रीमती राठौड़ ने बताया कि कार्रवाई के दौरान विभिन्न निर्माताओं और विपणनकर्ताओं की दवाइयां मिली थीं। इनके गुणवत्ता परीक्षण के लिए 18 नमूने लिए गए। इसके अलावा, परिसर से टेपेंटाडोल, प्रेगाबालिन और कोट्रिमोक्साजोल आदि सक्रिय औषधीय घटक (एपीआई), पैकेजिंग सामग्री, पंचेज एंड डाइज तथा एक्सपायर्ड सिल्डेनाफिल टैबलेट्स भी जब्त की गई थीं।

यह दवाइयां पाई गई जांच में फैल

उन्होंने बताया कि राजकीय विश्लेषक, दवा परीक्षण प्रयोगशाला, जयपुर की जांच में 11 नमूने मानक गुणवत्ता के पाए गए, जबकि 5 नमूने अवमानक घोषित किए गए। अवमानक नमूनों में सिप्रोफ्लॉक्सासिन टैबलेट्स बीपी 500 मिलीग्राम, टेपेंटाडोल टैबलेट्स 225 मिलीग्राम, चकापेन एक्स्ट्रा—डाइक्लोफेनाक 50 मिलीग्राम और कैफीन 50 मिलीग्राम के दो बैच तथा मेडिकब-55—डाइक्लोफेनाक सोडियम 50 मिलीग्राम शामिल हैं।

इन दवाइयां का निर्माण करने वाली यह थी कंपनियां

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि इन दवाइयों के निर्माता कैंडोर हेल्थकेयर, लालड़ू (पंजाब); ओपल हेल्थकेयर, करनाल (हरियाणा); एलेक्सा फार्मास्यूटिकल्स, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) और यूनिशार्प ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, लालड़ू (पंजाब) पाए गए हैं। आयुक्तालय ने संबंधित निर्माताओं के स्तर पर विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

 

दवा निर्माण करने वाली कंपनियों के जांच के लिए भेजा जांच दल

औषधि नियंत्रण आयुक्त निर्देशों के तहत अविचल चतुर्वेदी में बताया कि संबंधित विनिर्माण इकाइयों में जांच के लिए टीमें भेजी गई हैं। जांच दल संबंधित बैचों के विनिर्माण अभिलेख, कच्चे माल, गुणवत्ता नियंत्रण अभिलेख, बैच निर्माण अभिलेख तथा वितरण और आपूर्ति शृंखला से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेंगे। यह भी देखा जाएगा कि दवाइयों का निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण, भंडारण और वितरण निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप हुआ था या नहीं।

उन्होंने बताया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट तहत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी दवाइयों की गुणवत्ता और बिना लाइसेंस दवा कारोबार के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों, संस्थानों और अन्य पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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