राजस्थान कैडर के राजीव सिंह ठाकुर अब मणिपुर के चीफ सेक्रेटरी बने

जयपुर। राजस्थान कैडर के 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव सिंह ठाकुर को मणिपुर का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति सामान्य कैडर मूवमेंट से कुछ अलग है। इसे यूं कहे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह निर्णय एकदम चौंकाने वाला है।
केंद्र सरकार की अपॉइंटमेंट्स कमेटी ऑफ द कैबिनेट (एसीसी) ने राजस्थान कैडर से मणिपुर में उनके इंटर-कैडर डेपुटेशन अर्थात प्रतिनियुक्ति को मंजूरी दी है। उनकी यह प्रतिनियुक्ति 30 जून 2029, यानी उनकी सेवानिवृत्ति की निर्धारित तिथि तक रहेगी।
ठाकुर के सामने यह होगी चुनौतियां
ठाकुर का मणिपुर जाना ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य प्रशासन के सामने केवल रूटीन गवर्नेंस नहीं, कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय, विस्थापन, राहत-पुनर्वास, समुदायों के बीच विश्वास बहाली और केंद्र-राज्य समन्वय जैसी जटिल चुनौतियाँ मौजूद हैं। ऐसे परिदृश्य में मुख्य सचिव की भूमिका महज राज्य सचिवालय के प्रशासनिक प्रमुख की नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों, सुरक्षा तंत्र और केंद्र सरकार के बीच इंस्टीट्यूशनल कोऑर्डिनेशन के केंद्रीय बिंदु की होती है।
ठाकुर का राजस्थान में रहा कार्यकाल
राजस्थान में ठाकुर का फील्ड और सचिवालय दोनों स्तरों का लंबा अनुभव रहा है। शुरुआती दौर में वे पाली और राजसमंद में उपखंड अधिकारी तथा जयपुर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रहे। इसके बाद बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, अलवर, करौली और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में कलेक्टर के रूप में काम किया। राजस्थान सरकार में ग्रामीण विकास, आजीविका परियोजनाओं तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति जैसे विभागों में भी उन्होंने जिम्मेदारियाँ संभालीं।
केंद्र में प्रतिनिधि पर यह रही उनकी उपलब्धि
राजीव ठाकुर का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का अनुभव विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वर्ष 2017 में उन्हें रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया था। बाद में उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स में संयुक्त सचिव तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में अतिरिक्त सचिव के रूप में काम किया। मणिपुर जाने से पहले वे नीति आयोग में सलाहकार के पद पर प्रशासन, गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े विषय देख रहे थे। इस लिहाज से ठाकुर की नई जिम्मेदारी राजस्थान कैडर के किसी अधिकारी की महज प्रतिष्ठित पोस्टिंग नहीं, फील्ड एडमिनिस्ट्रेशन, पॉलिसी फॉर्मुलेशन और केंद्रीय शासन,तीनों स्तरों के अनुभव की एक कठिन प्रशासनिक थिएटर में परीक्षा भी होगी।
आत्मीय निकटता रही मेरी ठाकुर के साथ
राजीव सिंह ठाकुर के साथ 22 साल पहले जब भीलवाड़ा की जिला कलेक्टर पद पर पद स्थापित तब मेरी पत्रकारिता के दौरान उनके साथ मेरा आदमी और निकटतम जुड़ाव रहा है उनकी कार्यशैली को मैंने निकटता से देखा है । राजस्थान से जाने के बाद भी मेरा उनसे सं
वाद बरकरार रहा
