जैश के संदिग्ध आतंकवादी गिरफ्तार,जंतर मंतर पर विद्यार्थियों के प्रोटेस्ट में गड़बड़ी की थी योजना

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु थे राडार पर
जैश के संदिग्ध आतंकवादी गिरफ्तार,जंतर मंतर पर विद्यार्थियों के प्रोटेस्ट में गड़बड़ी की थी योजना

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए- मोहम्मद से जुड़े दो संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा जंतर मंतर पर CJP द्वारा आयोजित प्रोटेस्ट में गड़बड़ी फैलाने की योजना थी और इसी के साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की हत्या की खुलासा हुआ है। यह खुलासा पश्चिम बंगाल की एसटीएफ और जिला पुलिस रिजल्ट करवाई में जैश-ए- मोहम्मद से जुड़े दो संदिग्ध आतंकवादी मोहम्मद हमीम मंडल व अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी के बाद हुआ।

पश्चिम बंगाल STF के आईजी गौरव शर्मा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में हमीम मंडल (निवासी बर्दवान) और अर्पिता सरकार (निवासी साहिबगंज, झारखंड) को गिरफ्तार किया गया है।

मामले की शुरुआत हावड़ा के एक वरिष्ठ मंत्री को मिली रंगदारी की धमकी और उनके बेटे के अपहरण की साजिश की खबर से हुई। जांच के दौरान पुलिस को झारखंड के साहिबगंज से चलाए जा रहे एक संदिग्ध सोशल मीडिया हेंडल का पता चला। इसकी गहराई से जांच की तो हमीम मंडल का नाम सामने आया। हमीम के डिजिटल फुट प्रिंट और वॉट्सएप- टेलीग्राम चैट की पड़ताल करने पर पता चला कि वह ‘राणा’, ‘आबिद जट’, ‘उज़ैर’ और ‘हाद’ नाम के कई संदिग्ध हेंडल से लगातार सम्पर्क में था। यह सभी हेंडल पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे।

STF प्रमुख ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद उनसे की गई प्रारंभिक पूछताछ जांच पड़ताल पता चला कि पाकिस्तान में बैठे हेंडलर्स हमीम मंडल को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आने-जाने के रास्ते, उनके काफिले और सुरक्षा में ढील के मौकों पर नज़र रखने की हिदायत दे रहे थे। इसके अलावा, आरोपियों को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी फैलाने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। इसके लिए हमीम को पुलिस की वर्दी का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे, ताकि वे आसानी से भीड़ में घुसकर माहौल बिगाड़ सके।

आरोपी कपड़ा कारखाना में करता था मजदूरी और पाक खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था

प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि आरोपी हमीम हावड़ा के पीलखाना क्षेत्र में कपड़ा कारखाने में काम करता था। करीब दो महीने पहले बर्धमान आकर किराये के मकान में रहने लगा था।

खुफिया सूत्रों के अनुसार, वह पाकिस्तान में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुका था और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के सम्पर्क में था। उसका सम्बंध जैश-ए-मुहम्मद से जुड़े सज्जाद भट समूह से होने की भी जांच की जा रही है।

एसटीएफ के प्रमुख ने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार, हमीम अपने परिवार के साथ रहता था और मोहल्ले में उसकी ज्यादा आवाजाही या मेलजोल नहीं था। मामले की गम्भीरता को देखते हुए राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एसटीएफ और पश्चिम बंगाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस ने कहा कि मंडल के पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का संदेह है और माना जाता है कि वह सज्जाद भट का करीबी सहयोगी है, जिस पर 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक होने का आरोप है।

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