शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति पर लगे PWD के SE गुप्ता का कुर्सी मोह

15 दिन बाद भी नहीं छोड़ना चाहते कुर्सी गुप्तागुप्ता के स्थान पर जय किशोर दुबे ने संभाला कार्यभारहाल ए शिक्षा विभाग -एक पद दो अधिकारीमंत्री दिलावर का आदेश भी बना चर्चा का विषय ?
शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति पर लगे PWD के SE गुप्ता का कुर्सी मोह

जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का दोहरा रवैया और आदेश तथा शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली लगातार सुर्खियों में है और इसी कड़ी में सरकार द्वारा प्रदेश में सभी विभागों में किए गए तबादलों के क्रम में शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा अभियान में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापित सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी PWD) के अधीक्षण अभियंता( SE एस ई) गिरिराज गुप्ता का तबादला 10 जुलाई को राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी (राजमेस) में कर दिया गया और उनके स्थान पर जय किशोर दुबे को लगाया गया।‌

आदेश जारी होने के 14 दिन के बाद भी गुप्ता अपने पद से रिलीव नहीं हुए इसी दौरान आदेश की पालना में गुप्ता के स्थान पर जय किशोर दुबे ने 24 जुलाई को कार्यभार ग्रहण कर लिया। ऐसे में एक पद पर दो अधिकारी हो गए।

शिक्षा संकुल परिसर में सैनिक स्कूल के संचालन तथा 29 जुलाई को प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी को लेकर 24 जुलाई शुक्रवार को एक बैठक आयोजित की गई इस बैठक में इस तबादला विवाद में चर्चा में आए गिरिराज गुप्ता भी पहुंच गए और समसा के नवनियुक्त अधीक्षण अभियंता जय किशोर दुबे भी बैठक में उपस्थित थे। इस बैठक में एक पद से जुड़े दो अधिकारियों की उपस्थिति विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है।

इधर दूसरी हो कार्यालय मुख्य अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव सुनील जय सिंह ने तबादला आदेश की पालना नहीं होने पर 23 जुलाई को गिरिराज गुप्ता को कारण बताओं नोटिस जारी किया।

इस नोटिस में कहा गया कि वरिष्ठ शासन उप सचिव के 10 जुलाई के स्थानांतरण आदेश के बावजूद उन्होंने नई जगह कार्यभार ग्रहण नहीं किया उन्हें तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश देते हुए पूछा गया कि आदेश के अवहेलना क्यों की गई ? साथ ही चेतावनी भी दी गई थी की संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

गुप्ता को कुर्सी का लालच क्यों ? क्या कहीं यह तो नही चर्चा ..‌

सूत्रों के अनुसार गिरिराज गुप्ता समग्र शिक्षा अभियान से रिलीव नहीं होना चाहते अर्थात इस कुर्सी का मोह नहीं छोड़ रहे हैं इसी कारण उन्होंने नए पदस्थापन पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। उधर विभाग की ओर से जारी तबादला आदेश भी वापस नहीं लिया गया है और न ही कारण बताओ नोटिस निरस्त किया गया है यह में पूरा मामला प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

इसके साथ ही प्रशासनिक हल्के में यह चर्चा है कि यह कुर्सी मलाईदार है इसलिए गुप्ता इस कुर्सी का मोह नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। उधर चर्चा है कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्वयं गुप्ता को हटाने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री दिया कुमारी को कहा था बताते और इस आधार पर उनका तबादला हो गया लेकिन तबादला होने के बाद दिलावर ने 14 जुलाई को सरकारी नोट सीट जारी कर गुप्ता का तबादला निरस्त कर यथावत रखने के लिए लिखा जिसमें उन्होंने लिखा कि गुप्ता के तबादला होने से समसा के कार्य निस्तारण में व्यवधान आएगा और जय किशोर दुबे को वर्तमान परिस्थितियों में कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाए। आखिर दिलावर ने ऐसा क्यों लिखा ? और पहले तबादले के लिए क्यों कहा?

इसको लेकर प्रशासनिक हल्के में जबरदस्त चर्चाओं का दौर है ? और कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है ? हालांकि इस नोट सीट के बाद भी 24 जुलाई को जय किशोर दुबे ने अपने नए पद पर अर्थात अधीक्षण अभियंता समसा के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

उधर दूसरी और गिरिराज गुप्ता का कहना है कि मुझे रिलीव नहीं किया जा रहा है इस वजह से मैं दूसरी जगह जहां मेरा तबादला हुआ है वहां कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाया शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि मेरे बिना विभाग में काम नहीं हो पाएगा जैसे ही मुझे रिलीव कर देंगे मैं नई जगह कार्यभार ग्रहण कर लूंगा।

वैसे राजस्थान सेवा नियम के तहत तबादले की स्थिति में कोई नया कार्मिक कार्यभार ग्रहण कर लेता है तो पूर्व में उसे पद पर पदस्थ अधिकार या कार्मिक स्वत ही रिलीज माना जाता है।

इस संबंध में जब राजस्थान शिक्षा परिषद की आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से भी इस संबंध में पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो पाई।

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