RGHS योजना में भ्रष्टाचार ,भीलवाड़ा के रामस्नेही अस्पताल सहित 24 अस्पतालों से 3 करोड़ की रिकवरी

जयपुर/ डॉ. चेतन ठठेरा। राजस्थान सरकार द्वारा सरकारी और पेंशनर कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधा बेहतर बनाने हेतु शुरू की गई राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम( RGHS आरजीएच एस) योजना में भ्रष्टाचार की मिल रही शिकायतों पर सरकार द्वारा कराई गई।
जांच पड़ताल के बाद गुजरात के अहमदाबाद में एक अस्पताल और राजस्थान के 50 निजी अस्पतालों सहित कुल 51 निजी अस्पतालों को इस योजना से ब्लैकलिस्टेड कर दिया है और ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के 24 निजी अस्पताल से करीब 3 करोड रुपए की जुर्माना राशि लगाते हुए वसूली के आदेश जारी किए हैं।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति पर काम करते हुए चिकित्सा विभाग ने आरजीएचएस योजना को लगातार सुदृढ़ किया है और अनियमितताएं करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है।

इसी क्रम में, गत एक माह के दौरान ऑडिट के आधार पर 24 संबद्ध अस्पतालों के विरुद्ध भी बड़ी कार्रवाई करते हुए उन पर करीब 3 करोड़ रूपए का जुर्माना लगाया गया है। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल द्वारा प्रत्येक मामले में अस्पतालों की विस्तृत सुनवाई की और प्रस्तुत अभिलेखों, उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों का गहन परीक्षण करने के उपरांत यह निर्णय लिया गया।
यह अनियमितताएं पाई गईं
श्रीमती राठौड़ ने बताया कि ऑडिट एवं जांच के दौरान कई गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। इनमें दस्तावेजों की डुप्लीकेसी, आवश्यकता से अधिक जांचें कराना, अधिक भुगतान प्राप्त करने के उद्देश्य से एक ही पैकेज में सम्मिलित सेवाओं एवं प्रक्रियाओं को अलग-अलग दर्शाकर क्लेम प्रस्तुत करना, आवश्यक दस्तावेजों का अभाव तथा ओपीडी मरीजों को अनुचित रूप से आईपीडी में परिवर्तित कर क्लेम प्रस्तुत करना जैसी गंभीर अनियमितताएं शामिल हैं। इन अनियमितताओं के कारण योजना पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ने की पुष्टि होने पर नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई की गई।
आडिट प्रणाली को किया जाएगा और मजबूत
रिकवरी की कार्रवाई के दायरे में पारस जेके हॉस्पिटल (उदयपुर), जील हॉस्पिटल (डूंगरपुर), मार्बल सिटी हॉस्पिटल (अजमेर), मणिपाल हॉस्पिटल (जयपुर), सोनी हॉस्पिटल (जयपुर), इंडस हॉस्पिटल (जयपुर) रामस्नेही अस्पताल भीलवाड़ा सहित कुल 24 अस्पताल शामिल हैं।
इनकी जुबानी
वित्त का दुरुपयोग भ्रष्टाचार और फर्जी क्लेम किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे सरकार इस स्कीम में पारदर्शिता विद्या अनुशासन और जवाब दे ही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कठोर कदम उठा रही है।
राजेंद्र सिंह खींवसर चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री राजस्थान सरकार जयपुर
इनकी जुबानी
योजना के संचालन में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि राजकोष की एक—एक पाई पात्र लाभार्थियों के हित में ही व्यय हो। इसी उद्देश्य से ऑडिट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है तथा भविष्य में भी किसी भी प्रकार की फर्जी बिलिंग, अनियमित क्लेम, प्रक्रियागत उल्लंघन अथवा वित्तीय गड़बड़ी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
हरजीलाल अटल
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी
