राजस्थान में हो रही प्रसुताओं की मौतें, मंत्री खींवसर हंस रहे,वाह

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। राजस्थान में पिछले ढाई माह की अवधि के दौरान 5 जिलों में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान 15 से अधिक प्रसुताओं की जान जा चुकी है और करीब 6-7 प्रसुताओं की किडनी इन्फेक्शन सहित असाध्य रोग हो गया है लेकिन चिकित्सा विभाग में जांचों के नाम पर कमेटियां बना दी परंतु आज तक जांच रिपोर्ट धरातल पर नहीं आई है या वास्तविक जांच रिपोर्ट को दबाकर गोलमाल कर दिया गया वास्तविक जांच रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। उल्टे प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर इन प्रसूताओं की मौतों को लेकर इतने गंभीर है कि विवादित बयान दे रहे हैं और हद तो तब हो गई जब मीडिया से रूबरू होते हुए प्रसूताओं की मौतों के सवाल पर हंस कर कहा कि अब ब्रेक के बाद मिलेंगे। इसे आप क्या कहेंगे ?
प्रदेश के कोटा,बीकानेर, जोधपुर,भीलवाड़ा और बाड़मेर में प्रसुताओं की मौत के मामले को लेकर बवाल मचा हुआ है और अभी भीलवाड़ा में पांच प्रसुताओं की मौत के बाद जयपुर में चिकित्सा मंत्री खींवसर ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर मीडिया कर्मियों को बुलाकर अपनी सफाई देने लगे। मंत्री प्रेस वार्ता में मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दे पाए। जब मीडिया कर्मियों ने मंत्री खींवसर से सवाल किया तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि बाकी बात अब ब्रेक के बाद करेंगे यह बात उन्होंने एक बार नहीं तीन बार दोहराई और फिर उठकर चले गए। मंत्री के इस व्यवहार और बयान को आप क्या कहेंगे ? आप मंत्री कोई घटनाओं के प्रति इस बहन के बाद कितना गंभीर मानते हैं ?
इससे पहले भी मंत्री खींवसर ने जोधपुर में प्रसुताओं की मौत के मामले को लेकर अधिकारियों की बैठक ली और उसके बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने अस्पताल के पीएमओ को यह कहते हुए पत्रकारों के सवाल का जवाब देने के लिए कहा कि आप ही इन्हें बताइए कि कैसे प्रसूताएं नाचते गाते हुए उपचार के लिए आई थी। मंत्री के द्वारा बयान बोलते ही वहां मौजूद पत्रकार मंत्री पर भड़क गए उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा की आखिर कैसे प्रसूताएं नाचती गाती अस्पताल आ सकती हैं? इस बयान को लेकर उस समय भी काफी सोशल मीडिया और अखबार बाजी हुई थी और यह बयान ट्रोल हुआ था। इस तरह के विवादित बयान को लेकर भाजपा और सरकार की किरकिरी होने पर बीते दिनों दिल्ली में भाजपा हाई कमान ने मंत्री खींवसर को तलब किया था और नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें संभवतया हिदायत भी दी गई थी ? लेकिन इसके बाद भी मंत्री खींवसर के व्यवहार में कोई बदलाव नजर नहीं आया इसका ताजा उदाहरण भीलवाड़ा में हुई प्रसुताओं की मौतों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंसते हुए यह कहना कि बाकी बातें ब्रेक के बात करेंगे।
सियासी गलियारे में इन घटनाओं और मंत्री खींवसर के विवादित बयानों को लेकर सियासत शुरू हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस पूरी तरह हमलावर है और कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कोटा जोधपुर बीकानेर में हुई प्रसुताओं की मौत के बाद जांच कमेटियां बना दी गई लेकिन एक महीनाबीत जाने के बाद भी आज तक वास्तविक जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया केवल सफाई देखकर इन घटनाक्रमों पर लीपा पोती की जा रही है। और अब भीलवाड़ा बांसवाड़ा में फिर प्रस्ताव की सिजेरियन डिलीवरी के दौरान मौत हुई है। यहां भी केवल बयान बाजी और लीपा पोती करने की जुगत हो गई है ऐसा आरोप कांग्रेस के नेताओं द्वारा लगाया जा रहा है और शहर में चर्चाएं है।
