निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को फ्री मिलेगी किताबें और कॉपियां

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। प्रदेश के सभी गैर सरकारी अर्थात निजी स्कूलों में पढ़ने वाले आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों को अब निजी स्कूल संचालकों को किताबें और अन्य सहायक सामग्री फ्री में देनी होगी।
शिक्षा निदेशक माध्यमिक निदेशालय सीताराम जाट ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। निदेशक द्वारा प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारंभिक व माध्यमिक को
जारी किए गए आदेश में बताया गया है कि शासन से प्राप्त निर्देशानुसार अपने परिक्षेत्र में संचालित समस्त गैर सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आरटीई(RTE) के तहत प्रवेशित निशुल्क विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तक सहायक सामग्री निशुल्क उपलब्ध करने के लिए निर्देशित करें।
नहीं तो आरटीई का भुगतान नंही मिलेगा
पत्र में निदेशक सीताराम जाट ने यह भी स्पष्ट किया है कि गैर सरकारी विद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आरटीई फीस पुर्नभरण हेतु पात्र उसी स्थिति में माना जाएगा जब उनके द्वारा निशुल्क शिक्षा हेतु प्रवेशित विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं सहायक सामग्री उपलब्ध करा दी गई हो।
अर्थात आरटीई में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को निजी स्कूलों के संचालक द्वारा किताबें और अन्य सहायक सामग्री फ्री उपलब्ध नहीं दी जाएगी तो उन्हें आरटीई के तहत पुनर्भरण राशि नहीं मिलेगी।
अभिभावकों को राहत और…
विदित है कि शिक्षा का अधिकार कानून(RTE आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को निजी स्कूलों के संचालक किताबें व अन्य सामग्री स्वामी स्कूल से या स्कूल से अनुबंधित दुकान से ऊंची दर पर खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।
लेकिन सरकार के इस आदेश से अब अभिभावकों को राहत मिलेगी। जबकि दूसरी ओर सरकार के इस निर्णय से निजी स्कूल संचालक को अर्थात गैर सरकारी स्कूलों के संचालकों में अब इस आदेश से खलबली मच जाएगी।
बताया जाता है कि दूसरी ओर प्रदेश भर के निजी स्कूलों के संचालकों ने आरटीई के बकाया भुगतान को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
