लॉरेंस के गुर्ग, गैंगस्टर के घर के बाहर ढोल बजाकर की मुनादी

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे और लॉरेंस की गैंग के लिए काम करने वाले वांटेड गैंगस्टर विशाल प्रचार को एन आई ए(NIA) ने भगोड़ा घोषित करते हुए उसके नाम के पोस्टर छापवाकर श्री गंगानगर सहित प्रदेश में लगाए हैं और श्रीगंगानगर में स्थित उसके घर के आगे ढोल बजाकर मुनादी करवाई है।।
NIA के अधिकारियों के अनुसार, NIA कोर्ट ने विशाल पचार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए कहा-वह कई संगीन धाराओं में आरोपी है। लंबे समय से कोर्ट में पेशी नहीं हो रही और न ही वह पुलिस को मिल रहा है। कोर्ट ने कहा- वह समन से बचने के लिए खुद को छिपा रहा है या देश छोड़कर भाग गया है।
इस पर एन आई ए ने विशाल प्रचार को भगौड़ा घोषित करते हुए एनआईए की टीम ने श्रीगंगानगर के वार्ड संख्या 14 में शनि मंदिर के पास स्थित उसके मकान के बाहर पहुंचकर ढोल बजाकर उसे सार्वजनिक रूप से भगौड़ा घोषित किया और उसके घर के आगे उसके नाम के पोस्टर चिपकाए यही नहीं यह पोस्टर बस स्टैंड नगर परिषद और शहर के लाल चौक पर भी चिपकाए इसमें लिखा नहीं मिल रहा है ना कोर्ट में पेश हो रहा है। एन आई ए कि कार्रवाई को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। लॉरेंस गैंग में विशाल को एलेक्स बुलाया जाता है। इसके अलावा भी उसके कई नाम हैं, जैसे-सरदार खान, एसके आदि।
पाकिस्तान से मंगवाता था हथियार-ड्रग्स
विशाल ने 11 मार्च 2020 को जयपुर से पासपोर्ट (नंबर यू 3101090) बनवाया था। रोहित गोदारा के संपर्क के जरिए वह 2024 में नेपाल रास्ते भारत से फरार हो गया।
लॉरेंस ने दी थी उसे यह जिम्मेदारी
श्रीगंगानगर के बॉर्डर इलाके की गहरी जानकारी रखने के कारण लॉरेंस गैंग ने उसे बॉर्डर एरिया में नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी सौंपी। विशाल ने पाकिस्तान के ड्रग्स और हथियार तस्करों से सीधा संपर्क बनाया।
यह करता था विशाल
बॉर्डर से सटे गांवों में अपना नेटवर्क तैयार किया। बचपन के दोस्त देवेंद्र भांभू (फायरमैन) को गैंग में शामिल किया। सुनसान खेतों में पाकिस्तान से पैकेट गिरवाए जाते है, जिससे विशाल सप्लाई करता है। बाद में पंजाब के बॉर्डर एरिया में नेटवर्क का विस्तार किया।
कौन है मास्टरमाइंड विशाल पचार ?
ये नाम हाल ही में NIA की एक चार्जशीट में पहली बार सामने आया था। विशाल ने 13 साल की उम्र में पहला क्राइम किया। एक-एक कर 11 वारदातों में उसका नाम आया। डेढ़ साल पहले नेपाल के रास्ते विदेश भाग गया। पाकिस्तान के बड़े तस्करों से उसका कनेक्शन है। उसकी गैंग पाकिस्तान से हथियारों और ड्रग्स मंगवाकर अलग-अलग लोकेशन पर छिपाकर रखती है। देशभर में बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले शूटरों तक उनकी डिलीवरी करती है।
पिता थे शराब के ठेके पर सेल्समैन यहीं से हुआ..
विशाल के पिता इंद्राज पचार शराब के ठेके पर सेल्समैन का काम करते थे। विशाल भी वहां चला जाता था। शराब ठेके पर पंजाब और हरियाणा के कई गैंगस्टर आते थे। यहीं से उसकी दोस्ती गैंगस्टर से होने लग गई।
विशाल को पहली बार कब पकड़ा
पहली बार गंगानगर पुलिस ने विशाल को जुआ खेलते हुए 2013 में पकड़ा था। तब यह नाबालिग होने के कारण कोर्ट ने 100 रुपए का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था। विशाल के खिलाफ धमकी देने, फिरौती मांगने के राजस्थान और पंजाब में करीब 11 मुकदमे दर्ज हैं। कुछ मामलों में चालान पेश हो चुका है। विशाल पर श्रीगंगानगर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम रखा हुआ है। इंटरपोल को भी रेड कॉर्नर नोटिस दिया जा चुका है।
इंटरपोल की मदद
विशाल पचार को पकड़ने के लिए पुलिस अब इंटरपोल की मदद ले रही है। उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी है। 2022 के आसपास से वह लॉरेंस गैंग से पूरी तरह जुड़ चुका था।
