दो मेडिकल कॉलेज सहित 20 कॉलेज और इंस्टिट्यूट पर प्रतिबंध

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। राजस्थान सरकार ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में करोड़ों का फर्जीवाड़ा व घोटाले में शामिल देश भर के 20 कॉलेज और इंस्टीट्यूट को प्रतिबंधित कर दिया है। प्रतिबंधित किए गए कॉलेज और इंस्टिट्यूट में 16 राजस्थान में संचालित है और चार अन्य राज्यों के हैं। सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बाद सामाजिक न्याय अधिकार का विभाग ने 20 कॉलेज और इंस्टीट्यूट संस्थाओं के भेजे गए छात्रवृत्ति के आवेदनों को खारिज कर दिया है। प्रतिबंधित किए गए कॉलेज और इंस्टिट्यूट में दो मेडिकल कॉलेज भी शामिल है।
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप क्या है
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप एससी,एसटी,ओबीसी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस के विद्यार्थियों को दी जाती है। 11वीं से लेकर स्नातक और स्नातकोत्तर तक के लिए स्कॉलरशिप अर्थात छात्रवृत्ति दी जाती है छात्रवृत्ति के लिए हर वर्ग के लिए अलग अलग मापदंड है और यह छात्रवृत्ति सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा कॉलेज और इंस्टीट्यूट से प्राप्त विद्यार्थियों के आवेदन के बाद जांच के पश्चात दी जाती है।
सूत्रों के अनुसार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदनों की सामाजिक न्याय और अधिकारका विभाग ने जांच की तो यह फर्जीवाड़ा और गड़बड़ियां सामने आई। जांच मे पता चला की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों के नाम पर पोर्टल पर अपलोड किए गए उनके दस्तावेज फर्जी थे। कॉलेज और संस्थाओं ने फर्जीवाड़े में सहयोग किया पेपरलेस उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की एस ओ पी अर्थात स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (निर्धारित मापदंडों ) का पूरी तरह से उल्लंघन किया गया एवं इन संस्थानों ने आवेदनों को बिना किसी सत्यापन के विभाग के जिला कार्यालय को भेज दिया और ऑनलाइन प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा करके करोड़ों की छात्रवृत्ति उठाई गई।
जांच में कई मामले ऐसे भी सामने आए जिसमें ऐसे विद्यार्थियों के पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन भेजे गए जो पात्र नहीं थे। तो कई आवेदन ऐसे भी थे जो पहले ही इस विषय में छात्रवृत्ति ले चुके थे और जो विषय छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं था उसके भी आवेदन मंजूर करके भेजे गए। आश्चर्य की बात तो यह है कि कई कॉलेज और संस्थान पूरी तरह से शुरू भी नहीं हुई थे लेकिन उनके यहां से भी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन विभाग के पोर्टल पर भेजे गए जैसे चंदेल प्राइवेट आईआईटी गुरु कृपा महाविद्यालय यह अभी पूरी तरह से शुरू भी नहीं हुए थे लेकिन उन्होंने भी आवेदन भेजें। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़ा करने वाली संस्थाओं के खिलाफ जांच में भारी गड़बड़ियां पाई गई थी सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग ने गड़बड़ी वाली संस्थाओं को नोटिस देकर पक्ष रखने के लिए तलब किया लेकिन कई संस्थानों के प्रतिनिधि पक्ष रखने के लिए विभाग के सामने प्रस्तुति नहीं हुए और जिन संस्थाओं के प्रतिनिधि विभाग के पास पहुंचे उनका जवाब संतोषजनक नहीं माना गया है। जांच समितियां की रिपोर्ट जिलाधिकारी की रिपोर्ट और पोर्टल के डेटा विश्लेषण के आधार पर विभाग ने माना कि इन कॉलेज और इंस्टिट्यूट ने मिली भगत और षड्यंत्र के तहत सरकार को गुमराह करने का प्रयास किया है इसके बाद सरकार ने इन संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।
जिन कॉलेज और संस्थानों पर 3 से 5 साल का प्रतिबंध लगाया गया वह यह है
नारायण मेडिकल कॉलेज नेल्लौर आंध्र प्रदेश, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर मध्य प्रदेश, ACSR गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, ए एन प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट, आयुष्मान प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट, बालाजी प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट चोमू जयपुर, बी आर डिग्री कॉलेज सीकर, गुरुकुल पॉलिटेक्निक कॉलेज चोमू जयपुर, गुरुकुल प्राइवेट आईआईटी, आईजीएम बीएसटीसी स्कूल जयपुर, किसान प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट, मेरीगोल्ड b.ed कॉलेज जयपुर,ओरास प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट और राजस्थान प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट।
इन 6 पर लगाया गया स्थाई प्रतिबंध
चंदेल प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट, गुरु कृपा महाविद्यालय, गुरुकुल कॉलेज ऑफ़ मैनेजमेंट कुचामन सिटी, ज्योतिबा प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट, राज टैगोर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, और कृष्ण महाविद्यालय।
फर्जीवाड़ा और घोटाले में शामिल इन कॉलेज और इंस्टिट्यूट पर अब पुलिस प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी तथा सरकार की कार्यवाही के बाद अब यह संस्थान छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे और इनके लाॅग इन आई डी प्रतिबंध (बैन ) कर दी गई हैं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने जांच में दोषी पाई गई इन संस्थाओं के खिलाफ कार्यवाही के अलग-अलग आदेश जारी किए हैं।
