फर्जी FMG सर्टिफिकेट मामले में तीन डॉक्टर गिरफ्तार

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा । स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप विदेशी एमबीबीएस करने वाले व्यक्तियों के भारत में पंजीयन से पूर्व निर्धारित क्वालीफाईइग एफएमजी (FMG) स्क्रीनिंग परीक्षा की कुत्रचित सर्टिफिकेट से राजस्थान मेडिकल काउंसलिंग आईएमसी (RMC) मैं पंजीयन करने के मामले में तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में एसओजी में 4 अप्रैल 2026 को प्रकरण संख्या 08 /26 धारा 420 467 468 471 120 बी के तहत दश मुकदमे में जांच पड़ताल के दौरान तथ्य सामने आए कि विदेश से एमबीबीएस कर भारत में प्रैक्टिस करने के लिए पंजीयन करवाने से पूर्व राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली योग्यता परीक्षा के सर्टिफिकेट भानाराम नामक व्यक्ति के माध्यम से कूट रचित सर्टिफिकेट बनवाकर उसके आधार पर विदेश से मेडिकल स्नातक हुए लोग, जो एफएमजीई परीक्षा पास नहीं कर पाए, राजस्थान मेडिकल काउंसिल में मेडिकल काउंसिल के कर्मचारी व अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में9 इंटर्नशिप कर रहे हैं और आरएमसी में अपना अस्थायी पंजीयन करवा लिया है। इस प्रकार फर्जी एफएमजी सर्टिफिकेट बनवाने वाले विदेश से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करीब 100 से अधिक व्यक्तियों को चिन्हित किया जा चुका है।इस प्रकरण में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह है गिरफ्तार डॉक्टर
1- दीपक यादव पुत्र लालचंद उम्र 28 वर्ष, निवासी रेलवे स्टेशन रोड, डीएलएम आई अस्पताल के पीछे, चौमूं जिला जयपुर
2.-राजू गुर्जर पुत्र राजाराम जाति गुर्जर, उम्र 28 वर्ष, निवासी रामबाग थाना डीग सदर जिला डीग
3-नरेश गुर्जर पुत्र कमल गुर्जर उम्र 30 वर्ष, निवासी समूची थाना कठूमर जिला अलवर
कौन है दीपक यादव
गिरफ्तार आरोपी दीपक यादव पुत्र लालचंद ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर वर्ष 2022 में भारत वापिस आया। एनबीई द्वारा आयोजित एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा कई बार देने के बाद भी उत्तीर्ण नहीं होने पर कजाकिस्तान में अपने साथ पढ़ने वाले विजय सैनी के माध्यम से, जो मुख्य अभियुक्त भानाराम का साला है से 24 लाख रुपये में एफएमजी परीक्षा का कूट रचित सर्टिफिकेट बनवाकर उससे इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर राजकीय मेडिकल कॉलेज दौसा से इंटर्नशिप की है। आरोपी भानाराम प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है जो न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है।
कौन है राजू गुर्जर
गिरफ्तार आरोपी राजू गुर्जर पुत्र राजाराम ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर वर्ष 2021 में भारत वापिस आया। एनबीई द्वारा आयोजित एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा कई बार देने के बाद भी उत्तीर्ण नहीं होने पर कजाकिस्तान में अपने साथ पढ़ने वाले नरेश गुर्जर के माध्यम से इन्द्रराज सैनी निवासी दौसा से 27 लाख रुपये में एफएमजी परीक्षा का कूट रचित सर्टिफिकेट बनवाकर उससे इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर राजकीय मेडिकल कॉलेज हनुमानगढ़ से इंटर्नशिप की है। आरोपी इन्द्रराज गुर्जर प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है जो न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है।
कौन है नरेश गुर्जर
गिरफ्तार आरोपी नरेश गुर्जर पुत्र कमल गुर्जर ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर वर्ष 2021 में भारत वापिस आया। एनबीई द्वारा आयोजित एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा कई बार देने के बाद भी उत्तीर्ण नहीं होने पर कजाकिस्तान में अपने साथ पढ़ने वाले इन्द्रराज सैनी निवासी दौसा से 23 लाख रुपये में एफएमजी परीक्षा का कूट रचित सर्टिफिकेट बनवाकर उससे इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर राजकीय मेडिकल कॉलेज अलवर से इंटर्नशिप की है।
नरेश ने किए है कई कांड
आरोपी नरेश ने राजू गुर्जर सहित अन्य कई लोगों के कूट रचित एफएमजी स्क्रीनिंग टेस्ट सर्टिफिकेट बनवाए हैं, जिसके संबंध में अनुसंधान जारी है।
पूर्व में यह हो चुके हैं गिरफ्तार
उपमहानिरीक्षक पुलिस एसओजी भुवन भूषण यादव ने बताया कि इस मामले में पूर्व में कूट रचित सर्टिफिकेट के आधार पर इंटर्नशिप करने व पंजीयन करवाने वाले विदेश से स्नातक 17 डॉक्टर, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन एवं मुख्य अपराधी भानाराम माली सहित एक दलाल को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में आरोपी भानाराम द्वारा कूट रचित सर्टिफिकेट बनवाने एवं आरएमसी में पंजीयन करवाने के लिए प्रति व्यक्ति 20 से 30 लाख रुपये लिए गए हैं।
