भीलवाड़ा के सरकारी स्कूल के वेतन में गबन,सांकड़ा घटनाक्रम की पुनरावृत्ति, आरोपी वही, फिर किया उसने कांड

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। भीलवाड़ा। जिले में करीब 2 साल पहले कोटडी ब्लॉक के सांकड़ा गांव में स्थित सरकारी विद्यालय में विद्यालय स्टाफ के वेतन में हुए गबन की पुनरावृत्ति एक बार फिर भीलवाड़ा शहर की सुवाणा ब्लॉक की एक सरकारी स्कूल में हुई है। और सबसे चौंकाने वाली बात है की जिस कार्मिक ने सांकड़ा स्कूल में वह कांड किया था। इस कार्मिक ने ही इसी स्कूल में भी यह गबन किया है। इस गबन के सामने आने के बाद हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय में जांच कमेटी बिठा जरूर दी है। लेकिन शिक्षा विभाग ने इस जांच कमेटी में लगाए गए अधिकारियों को लेकर चर्चाओं का दौर है कि लीपापोती इस जांच में होने की संभावना है ?
भीलवाड़ा शहरी क्षेत्र के सुवाणा ब्लॉक के आटूण गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के तत्कालीन वरिष्ठ सहायक रत्नेश कुमार खटीक ने अपने वेतन और वहां पदस्थ कार्मिक प्राध्यापक श्रीमती विद्या टेलर के वेतन में बिना प्रिंसिपल के संज्ञान में लाए वृद्धि कर बाकायदा उसका 9 महीने से भुगतान उठाया।
इस फर्जीवाड़े का राज ऐसे खुला
विद्यालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी गफ्फार अली आसाम द्वारा जून 2026 का वेतन बिल एवं सेवा पुस्तिका से कार्मिकों का वेतन मिलान करने के दौरान पता चला की वार्षिक वेतन वृद्धि आदेश एवं वेतन बिल में अंतर आ रहा है । इस पर सहायक प्रशासन अधिकारी ने कार्मिकों के जीए- 55 से मिलान करने पर वरिष्ठ सहायक रत्नेश खटीक और प्राध्यापक श्रीमती विद्या टेलर के वेतन में अंतर पाया गया। सहायक प्रशासनिक अधिकारी ने यह प्रकरण विद्यालय के प्रिंसिपल राकेश पंचोली को बताते हुए अवगत कराया। इस पर पूरी जांच पड़ताल की गई तो पाया कि तत्कालीन वरिष्ठ सहायक रत्नेश कुमार खटीक ने आईएफएमएस में प्राध्यापक श्रीमती विद्या टेलर के वेतन में 67000/- के स्थान पर 69000/- हजार रुपए मूल वेतन कर एवं स्वयं के मूल वेतन 27900/- के स्थान पर 29600/- करके अक्टूबर 2025 व नवंबर 2025 से निरंतर जून 2026 तक वेतन आहरण किया जा रहा था। कार्मिक रत्नेश खटीक का स्थानांतरण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आटूण सुवाणा से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्वरूपगंज सुवाणा होने से कार्य मुक्त होने से पूर्व पुनः आईएफएमएस पर अपना मूल वेतन वास्तविक कर दिया गया। इस आशय की शिकायत प्रिंसिपल राकेश पंचोली ने जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय को लिखित में की।
प्रिंसिपल पंचोली की शिकायत पर डीईओ राजेंद्र कुमार गगगड ने एक जांच कमेटी गठित कर दी जिसमें एसीबीईओ सुवाणा, विजयपाल वर्मा, सुंदर सिंह चुंडावत महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पुलिस लाइन और अक्षय कुमार माणडा कनिष्ठ लेखाकार सीबीईओ सुवाणा को शामिल किया गया।
कमेटी को लेकर आशंका की चर्चा
डीईओ द्वारा गठित की गई इस कमेटी को लेकर कमेटी द्वारा इस मामले में लीपा पोती की आशंका की चर्चा शिक्षा विभाग में चल रही है। दबी जुबान में विभाग के कार्मिक खुसर-पुसर कर रहे हैं कि आरोपी कार्मिक डीईओ कार्यालय में लगे एक मंत्रालय कर्मचारी के निकटतम है और कमेटी में अपने-अपने लोगों को लगाया है ताकि वह इसका बचाव कर सकें हालांकि हम इन चर्चाओं की पुष्टि नहीं करते।
आरोपी कार्मिक खटीक ने सरकार को कितनी लगाई राजस्व चपत
एक्सपर्ट के अनुसार वरिष्ठ सहायक रत्नेश खटीक ने स्वयं के और प्राध्यापक विद्या टेलर के वेतन में वृद्धि कर महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता आदि सभी परिलाभो को शामिल करते हुए पिछले 9 माह के दौरान कम से कम 35000 और 28000 अर्थात कुल लगभग 65000 की राजकोष में शपथ लगाई है। गबन तो ₹1 का हो या हजारों का गबन गबन होता है ऐसा लेखा नियम में स्पष्ट उल्लेख है एक रुपए के गबन की सजा और लाख रुपए के गबन की सजा या हजार रुपए की गबन की सजा भी वही है।
रत्नेश खटीक ने पूर्व में भी किया था यहां गबन
रत्नेश खटीक पूर्व में सन 2019-20 की अवधि के दौरान कोटड़ी ब्लॉक के सांकड़ा गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ था और स्कूल के वेतन बिल वही बनाता था इस दौरान उसने वेतन बिलों में गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा करते हुए लगभग करीब 10 लाख रुपए का गबन किया था तब तत्कालीन कार्यवाहक डीईओ प्रहलाद पारीक के कार्यकाल में यह गबन हुआ था तब रत्नेश को सस्पेंड करते हुए मांडल लगाया था लेकिन बीकानेर से मिले आदेश से बीकानेर रिलीव कर दिया गया लगभग यह चार से पांच महीने निलंबित रहते हुए बीकानेर रहा और गबन की राशि जमा करने के बाद डीईओ बंशीलाल कीर के कार्यकाल के दौरान वापस बहाल हुआ।
इनकी जुबानी
मुझे आटूण विद्यालय के प्रिंसिपल से मिली शिकायत के तत्काल बाद मैने जांच कमेटी बिठा दी है। जांच कमेटी की रिपोर्ट अभी आई नहीं है।
राजेंद्र कुमार गगगड
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय भीलवाड़ा
मेरे विद्यालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा जांच के दौरान इस गबन को पकड़ा और मुझे संज्ञान में लाने के बाद मैंने इसमें बिना देरी किए हुए उसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर डीईओ माध्यमिक प्रस्तुत कर दी है।
राकेश पंचोली
प्रिंसिपल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आटूण( सुवाणा)
