भीलवाड़ा में RGHS में फर्जीवाड़ा,दो डॉक्टरों पर गिर सकती है गाज

जांच के आदेश,जांच कमेटी बनाई ,जांच शुरूभीलवाड़ा सहकारी उपभोक्ता भंडार की दुकान से हो रहा था यह खेल
भीलवाड़ा में RGHS में फर्जीवाड़ा,दो डॉक्टरों पर गिर सकती है गाज

भीलवाड़ा / डॉ. चेतन ठठेरा। राजस्थान सरकार द्वारा अपने सरकारी कर्मचारी पेंशन भोगियों और चुनिंदा जनप्रतिनिधियों जैसे मंत्रियों व विधायकों के लिए शुरू की गई कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का नाम आरजीएचएस (RGHS) है। इस योजना के तहत प्रदेश में लगातार फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं और इसी कड़ी में भीलवाड़ा में भी इस योजना के तहत एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। जयपुर के आदेश पर भीलवाड़ा में दो डॉक्टरों भीलवाड़ा सहकारी उपभोक्ता भंडार के दवा स्टोर के खिलाफ जांच कमेटी लगाकर जांच शुरू कर दी गई है। इसमें लाखों रुपए का घोटाला सामने आने की संभावना है।

 

आरजीएचएस (RGHS) योजना में आ रहे फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने और इन फर्जीवाड़ो को पकड़ने के लिए सरकार ने एआई(AI)‌ तकनीक की मदद ली जा रही है और इसी तकनीकी मदद के आधार पूर भीलवाड़ा में डॉक्टर हेमंत कुमार चंदेल एवं डॉक्टर जितेंद्र सिंह चौधरी के द्वारा आरजीएचएस पर्ची पर जो दवाइयां प्रिसक्राइब्ड की जा रही है उन प्रिस्क्रिप्शन पर गैर मधु में रोगियों को अनाधिकृत रूप से इंसुलिन इंजेक्शन लिखे जा रहे हैं यह पकड़ में आने के बाद आरजीएचएस के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयपुर के दिशा निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भीलवाड़ा डॉक्टर संजीव कुमार शर्मा ने इस मामले की तहत तक जाने के लिए एक जांच कमेटी का गठन कर दिया है। इस जांच कमेटी में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी औषधि नियंत्रक अधिकारी और डीपीसी आयुष्मान योजना व आरजीएचएस कार्यालय सदस्य को शामिल करते हुए तीन सदस्य कमेटी बनाई है जो जांच करेगी। ‌ जयपुर से मिले निर्देशों के अनुसार इन दोनों चिकित्सकों द्वारा प्रिस्क्रिप्शन पर गैर मधुमेह रोगियों को अनाधिकृत रूप से इंसुलिन इंजेक्शन लिखा जा रहे हैं ।यह प्रिसक्राइब इंसुलिन इंजेक्शन भीलवाड़ा सहकारी उपभोक्ता भंडार मेडिकल ब्रांच ( कोड नंबर BHIL/ G-4758) कृष्णा हॉस्पिटल रोड आरसी व्यास कॉलोनी भीलवाड़ा के द्वारा गैर मधुमेह रोगियों को देकर स्थानीय मार्केट में भिजवाए जाने संबंधी अनियमितताओं करने का मामला सामने आया है और यह लगभग 1 साल से चल रहा बताते हैं।

 

सीएमएचओ डॉक्टर शर्मा ने जो कमेटी बनाई है उस कमेटी को चार बिंदुओं पर जांच करने के निर्देश प्रदान किए हैं जो इस प्रकार है

1- प्रिसक्रिप्शन एवं मेडिकल रिकॉर्ड की जांच, संबंधित चिकित्सकों द्वारा जारी आरजीएचएस पर्चियां मरीज के नैदानिक रिकॉर्ड एवं डायग्नोस्टिक रिपोर्ट की गहन जांच करें कि क्या गैर मधुमेह रोगियों को इंसुलिन लिखा गया है।

2-मेडिकल स्टोर एवं स्टॉक सत्यापन ,भीलवाड़ा सहकारी उपभोक्ता भंडार मेडिकल ब्रांच कोड नंबर(BHIL/G4758) के बिक्री रजिस्टर आरजीएचएस पोर्टल क्लेम डेटा एवं भौतिक स्टाक का मिलान करना तथा संदिग्ध बिलिंग की जांच करना।

3- बाजार विचलन की जांच, क्या आवंटित इंसुलिन दवाइयां को लाभार्थियों को न देखकर अवैध रूप से स्थानीय बाजार में सप्लाई या कालाबाजारी की जा रही है इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करना

4- बयान दर्ज करना, संबंधित चिकित्सकों मेडिकल स्टोर प्रभारी एवं शिकायत से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बयान दर्ज करना।

 

सूत्रों के अनुसार बताया जाता है कि इस योजना के तहत इन दोनों चिकित्सकों द्वारा इस मेडिकल स्टोर के माध्यम से लगभग 1 साल से इस तरह का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है और लगभग अनुमानित लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा किया जा चुका है? हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है। पूरी जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कितने लाख का फर्जीवाड़ा किया गया

 

इनकी जुबानी

जयपुर से मिले दिशा निर्देशों के आधार पर जांच कमेटी बना दी गई है और जांच कमेटी ने जांच शुरू कर दी है लेकिन अभी जांच में समय लगेगा इसलिए यह बताना मुश्किल है कि कितना फर्जीवाड़ा हुआ है और कैसे फर्जीवाड़ा हुआ है।‌

 

डॉ संजीव शर्मा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भीलवाड़ा

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