राजस्थान के 11 स्कूलों को मिला राष्ट्रीय सम्मान, भीलवाड़ा जिला फिसड्डी साबित

स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग 2025-26 में मेरिट सर्टिफिकेट
राजस्थान के 11 स्कूलों को मिला राष्ट्रीय सम्मान, भीलवाड़ा जिला फिसड्डी साबित

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार । शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2025-26″ के तहत राजस्थान के 11 विद्यालयों को राष्ट्रीय-स्तरीय मेरिट प्रमाण पत्र  से सम्मानित किया गया है। लेकिन इस उपलब्धि में वस्त्र नगरी भीलवाड़ा जिला फिसड्डी साबित हुआ है।‌

यह है मापदण्ड

यह उपलब्धि विद्यालयों की स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, हरित आवरण और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों की पहचान है।

इस सफलता का श्रेय विद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्राचार्यों एवं समस्त स्टाफ की सामूहिक मेहनत और समर्पण को जाता है।

राष्ट्रीय मेरिट से सम्मानित राजस्थान के विद्यालय

1. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खारिया गोगलिया, बाड़मेर

2. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय उजीण सिंह का नाडा बेरी, सीकर

3. राजकीय प्राथमिक विद्यालय रोडेवाला, डूंगरपुर

4. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अभयपुरा, चूरू

5. पीएम श्री राजकीय प्राथमिक विद्यालय परलिया की ढाणी, कोटा

6. स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, देवली, टोंक

7. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बावरा, ब्यावर

8. पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, वायुसेना स्टेशन उत्तरलाई, बाड़मेर

9. सोफिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वल्लभ नगर, कोटा

10. दरबार राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल (अंग्रेजी माध्यम), सांभर लेक, जयपुर

11. जवाहर नवोदय विद्यालय, तलवाड़ा, बांसवाड़ा

आखिर भीलवाड़ा क्यों पिछड़

भीलवाड़ा शहर से जिले में कई विद्यालय ऐसे हैं जो स्वच्छ हरित विद्यालय रेटिंग के मापदंडों को पूरा करते हैं लेकिन फिर भी इस रेटिंग में भीलवाड़ा जिले का नाम नहीं आया या ऐसे ही कहीं की चेन नहीं हुआ आखिर क्यों ? कहां और किस स्तर पर कमी रही ? विद्यालयों को मोटिवेट और मॉनिटरिंग करने का कार्य और जिम्मेदारी जिंक अधिकारियों की है उनको मंथन करना होगा कि कहां कमी रही और हम क्यों फेल हुए ?

इनकी जुबानी

हमने सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को कहकर स्कूलों के फॉर्म ऑनलाइन अपलोड कराए थे लेकिन चयन क्यों नहीं हुआ यह नहीं पता ‌। हमारा कार्य मॉनिटरिंग करने का था हमने पूरी मॉनिटरिंग की।

अरूणा गारू

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी(CDEO) भीलवाड़ा

विज्ञापन