एसीबी ने PWD के तीन इंजीनियर व ठेकेदार को किया गिरफ्तार

सड़क बनाई नहीं और उठा लिया भुगतान
एसीबी ने PWD के तीन इंजीनियर व ठेकेदार को किया गिरफ्तार

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भ्रष्टाचारियों और घूसखोरों के खिलाफ एक के बाद एक लगातार कार्यवाही कर रही है लेकिन इसके बाद भी न ही भ्रष्टाचार थम रहा है और न हीं घूसखोर घूस लेने से रूक रहें हैं।इ

सी कड़ी में कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सार्वजनिक निर्माण विभाग(पीडब्ल्यूडी PWD) के तीन सेवानिवृत्ति इंजीनियर और एक ठेकेदार को भ्रष्टाचार से जुड़े 13 साल पुराने एक मामले में दोषी पाए जाने पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रेंज कोटा प्रभारी डीआईजी ओम प्रकाश मीणा के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सन 2013 में प्रतापगढ़ जिले के लेपावाड़ा, हीरापाड़ा और जाप कॉलोनी में पीडब्ल्यूडी नै सड़के बनाई थी लेकिन सड़के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया जिसके सड़के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त होने निर्माण काम पूरा होने से पहले ही फर्जी पूर्णता दिखाकर बिल भुगतान करने और कुछ कार्य बिना निर्माण के ही भुगतान लेने की एक शिकायत मिली थी।

इस शिकायत के आधार पर 19 जुलाई 2013 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रतापगढ़ चौकी ने आकस्मिक जांच की थी और उसके बाद 18 नवंबर 2013 को जांच में गड़बड़ आने पर मामला दर्ज किया गया और इस मामले की जांच कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने की ।

जांच में सार्वजनिक निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता(XEN) सायरमल मीणा, एन एल परमार, गिरधारी लाल वर्मा और ठेकेदार विनोद कोडिया दोषी पाए गए। जांच में यह पाया कि इन तीनों इंजीनियर और ठेकेदार ने मिली भगत करके सरकार को 13 साल पहले 11 लाख 78752 रुपए का राजस्व नुकसान पहुंचाया ।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा ने दोषी पाए जाने पर तीनों सेवानिवृत्ति इंजीनियर और ठेकेदार को गिरफ्तार कर प्रतापगढ़ की विशेष अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसलिए कहते हैं कि अपराध और पाप कितना भी छुपा लो नहीं छुपता है आखिर एक न एक दिन सामने आ ही जाता है और यही हुआ तीनों इंजीनियर और ठेकेदार के साथ। ‌

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