राजस्थान के इस निजी विश्वविद्यालय में प्रवेश पर सरकार ने लगाई रोक

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार ने फर्जी डिग्री और प्रशासनिक गड़बड़ियों की जांच के बाद प्रदेश के मेवाड़ क्षेत्र चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार उपखंड मुख्यालय पर स्थित निजी विश्वविद्यालय मेवाड़ यूनिवर्सिटी में सभी तरह के विषयों में नए प्रवेश पर रोक लगा दी है। सरकार द्वारा यह कदम जांच जारी रहने के दौरान छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
यह था मामला
मेवाड़ यूनिवर्सिटी के खिलाफ लंबे समय से फर्जी डिग्रियां जारी करने और अन्य तरह की प्रशासनिक गड़बड़ियों की शिकायतें सरकार को मिल रही थीं। इस पर राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए यूजीसी को पत्र भेजा था, और विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
जांच रिपोर्ट के बाद यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया गया
विशेष टीम ने जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसमें कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी चित्तौड़गढ़ अधिनियम-2009 की धारा 44(1) के तहत यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा। यूनिवर्सिटी ने अपना पक्ष सरकार को भेज दिया, लेकिन विभाग यूनिवर्सिटी के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और विभागीय स्तर पर अभी जांच जारी है।
एसओजी जांच और गिरफ्तारियों से आया संकट
फर्जी डिग्री मामले की जांच के दौरान एसओजी ने भी कार्रवाई की। यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ कर्मचारियों और पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोडक्शन हेड किशोर उरले, पूर्व डीन हर्ष कीर्ति शर्मा और बायोमेट्रिक असिस्टेंट (कार्यालय सहायक) वीरेंद्र सिंह समेत कई लोगों की गिरफ्तारी भी की गई। सरकार का मानना है कि मामला केवल प्रशासनिक गड़बड़ी तक सीमित नहीं है और विभिन्न स्तरों पर इसकी जांच अभी भी जारी है।
पहले भी विवादों में रही यूनिवर्सिटी
साल 2023 में बीएससी नर्सिंग के छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में आंदोलन किया था। छात्रों का आरोप था कि जिस कोर्स में उन्हें प्रवेश दिया गया, उसे राजस्थान नर्सिंग काउंसिल (RNC) और इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) की मान्यता नहीं मिली थी। इस मुद्दे को लेकर छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी और कुछ छात्रों को निलंबित किया गया था।
सरकार ने नए प्रवेश पर लगाई रोक
जांच पूरी होने और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तथा शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए राजस्थान सरकार ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के सभी कोर्सों (विषयों) में नए प्रवेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने और स्थिति स्पष्ट होने तक नए छात्रों को प्रवेश देना उचित नहीं होगा। अब सभी की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
यूनिवर्सिटी अध्यक्ष क्या कहते हैं
मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार के चेयरमैन अशोक गदिया ने नए प्रवेश पर रोक लगाने के फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है और यूनिवर्सिटी पहले ही सरकार को दस्तावेज और अपना पक्ष भेज चुकी है। उन्होंने दावा किया कि एसओजी ने फर्जी डिग्री के एक भी मामले में यूनिवर्सिटी के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई नहीं की है। अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से कोई गलत काम किया है, तो वह उसका निजी कृत्य है, संस्थान का उससे कोई संबंध नहीं है।
अशोक गदिया ने कहा कि संबंधित मामलों में अभी तक किसी को भी अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है। ऐसे में अंतिम निर्णय से पहले यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है। इस आदेश के विरुद्ध यूनिवर्सिटी सीकरी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
