मौत के बाद 7 लावारिस लाशें मुर्दाघर में रखी दाह संस्कार के इंतजार में

पिछले 20 दिनों से पड़ी है लाशें,सुनने वाला कोई नहीं, क्या पुलिस की यह संवेदनशीलता ? पुलिस एक दूसरे के पाले में डाल रही है गेंद
मौत के बाद 7  लावारिस लाशें मुर्दाघर में रखी दाह संस्कार के इंतजार में

जयपुर / डॉ.चेतन ठठेरा। राजस्थान में पुलिस कितनी संवेदनशील है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण पृथ्वीराज चौहान की नगरी अजमेर में देखने को मिला जहां अजमेर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल के मुर्दाघर में इसलिए एक पकड़ से अधिक समय से अलग-अलग समय पर आई साथ लावारिस लाशें अंतिम संस्कार के इंतजार में पड़ी है। अस्पताल प्रशासन में इन नसों के अंतिम संस्कार और पोस्टमार्टम के लिए संबंधित क्षेत्र अर्थात अस्पताल जी थाना पर एरिया में स्थित है।

शहर कोतवाली पुलिस को इस संबंध में कई बार सूचित कर दिया लेकिन समाधान अभी तक नहीं हुआ जबकि दूसरी ओर पुलिस एक थाने से दूसरे थाने की की जिम्मेदारी बताकर इतिश्री कर रही है। क्या इन लाशों का अंतिम संस्कार भी होगा या नहीं ?

मिली जानकारी के अनुसार जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट विभाग के अधीन मोर्चरी में गत 14 मई 2026 से लेकर 2 जून 2026 तक 7 लोगों की बॉडी जो अज्ञात लाश के रूप में अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाई गई थी और उनकी सूचना अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट चिकित्सक द्वारा समय-समय पर कोतवाली थाना पुलिस को इनकी सूचना दी गई थी। बावजूद इसके पुलिस ने अब तक इस और ध्यान नहीं दिया है जिसके कारण मुर्दे अपने अंतिम दाह संस्कार को तरस रहे हैं।

मेडिकल ज्यूरिस्ट विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 14 मई 2026 की सुबह 8:36 पर 45 वर्ष के अज्ञात युवक की बॉडी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाई गई थी जिसकी सूचना अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट चिकित्सक द्वारा कोतवाली थाने के कांस्टेबल अभिषेक बेल्ट नंबर 951 को दी गई थी जिसका पोस्टमार्टम आज दिन तक कोतवाली थाना पुलिस द्वारा नहीं कराया गया है। इसी प्रकार 35 वर्षीय अज्ञात युवक की बॉडी के संबंध में कोतवाली थाने के कांस्टेबल सुनील बेल्ट नंबर 811 को सूचना दी गई थी उसका भी दाह संस्कार पोस्टमार्टम के अभाव में नहीं हो रहा है। जबकि 73 वर्षीय एक अज्ञात वृद्ध व्यक्ति का शव 25 मई 2026 की सुबह 9:30 बजे संतोष नमक होमगार्ड ने जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाई थी जिसकी सूचना अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट चिकित्सक द्वारा कोतवाली थाने के कांस्टेबल बाबू बेल्ट नंबर 737 को उसी दिन दे दी थी तथा कार्यवाही के लिए कहा गया। इसी प्रकार 63 वर्षीय एक वृद्ध का शव अस्पताल की मोर्चरी में अस्पताल की कैजुअल्टी से मृत घोषित करने के बाद शिफ्ट कराया गया था जिसकी मौत अत्यधिक शराब के सेवन से हुई बताई इसकी सूचना मेडिकल ज्यूरिस्ट चिकित्सक द्वारा कोतवाली थाने की महिला सिपाही सरोज बेल्ट नंबर 1048 को दी गई थी। इसी प्रकार 35 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति की बॉडी को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की कैजुअल्टी से 26 मई 2026 को मृत घोषित करने के बाद अस्पताल के मुर्दाघर में शिफ्ट कराया गया था इसके संबंध में कोतवाली थाने की महिला कांस्टेबल मंजू 2703 को सूचित किया गया था। इसी प्रकार 21 मई 2026 की दोपहर बाद 1:30 बजे एक अज्ञात युवक उम्र 30 साल की बॉडी को अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया था जिसके संबंध में अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट चिकित्सक द्वारा कोतवाली थाने के कांस्टेबल मोतीराम बेल्ट नंबर 2559 को दी गई थी।जबकि 2 जून 2026 की रात्रि 11:30 बजे 60 वर्षीय वृद्ध की बॉडी को अस्पताल के मुर्दाघर में शिफ्ट कराया गया था। इसके संबंध में कोतवाली थाने के सहायक पुलिस उप निरीक्षक सुभाष को अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट चिकित्सक ने दे दी थी।

आज तक नहीं हुआ

उक्त सात मुर्दों के शवों का पोस्टमार्टम आज दिन तक नहीं हो सका है जिसके चलते मोर्चरी में रखे हुए उक्त मुर्दों की रुहें अंतिम संस्कार के अभाव में भटक रही है।

क्या है नियम

मेडिकल ज्यूरिस्ट चिकित्सक की माने तो किसी भी अज्ञात करने वाले व्यक्ति का पोस्टमार्टम 72 घंटे के बाद संबंधित पुलिस को करना चाहिए लेकिन यदि कोई मामला पेचीदा है या जांच में है तो उसमें एक या दो दिन का समय और लग सकता है लेकिन यदि व्यक्ति अज्ञात है तो इसमें संबंधित थाना पुलिस और नगर निगम दोनों को नियमानुसार मर्दों के शवों का यदि हिंदू है तो अंतिम दाह संस्कार और यदि मुस्लिम है तो सुपुर्द ए खाक 72 घंटे के बाद कर देना चाहिए।यहां खास बात यह है कि 14 मई, 21 मई ,25 मई, 26 मई 2026 को अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाई गई बॉडी की सूचना तो कोतवाली थाना पुलिस ने ली है और ना ही नगर निगम द्वारा कोई कार्यवाही की गई है। कार्यवाही किसको करनी है? यह दोनों संस्थाएं जाने ? लेकिन मर्दों के अंतिम संस्कार में देरी धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार भी अमान्य है।

इनकी जुबानी 

सभी लाशों का पोस्टमार्टम और दाह संस्कार करने की जिम्मेदारी कोतवाली कीनहीं है। सभी कोतवाली टोली करेगा। जहां जिस एरिया की क्लास है उसे एरिया की थाना पुलिस करेगी कार्रवाई उनका घटनास्थल बनता है। मेडिकल जूरिसवारा अस्पताल प्रशासन को बता दिया गया है।

 

अनिल देव इंस्पेक्टर

कोतवाली थाना प्रभारी

कोतवाली अजमेर

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