निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिक्षा विभाग सख्त

टोंक। राज्य में संचालित गैर सरकारी विद्यालयों के लिए समय- समय पर शिक्षा विभाग द्वारा दिशा निर्देश जारी किए जाने के बावजूद कतिपय निजी विद्यालयों द्वारा अध्ययरत विद्यार्थियों की समुचित सुरक्षा हेतु पर्याप्त प्रबंध नहीं किए जा रहे। साथ ही पाठ्य सामग्री, स्टेशनरी, यूनिफार्म, टाई, बेल्ट आदि की बिक्री किए जाने, बाल वाहिनी संचालन, टी. सी एवं प्रगति पत्र रोकने, परीक्षा में बैठने से वंचित करने, आरटीई के अंतर्गत निःशुल्क प्रवेश देने सम्बन्धी दिशा निर्देशों की पालना नहीं करने तथा नियम विरुद्ध फीस वृद्धि की शिकायतें आए दिन प्राप्त हो रही हैं।
इस मामले में राज्य के प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने राज्य के समस्त गैर सरकारी विद्यालयों को 38 बिन्दुओं के दिशा निर्देशों का परिपत्र जारी करते हुए पाबंद किया है। साथ ही राज्य के समस्त समस्त संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, जिला पुलिस अधीक्षकों, जिला परिवहन अधिकारियों और शिक्षा अधिकारियों को परिपत्र के दिशा निर्देशों की अनुपालना हेतु निर्देशित किया है।

नए निर्देशों के अनुसार निजी स्कूलों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त होने पर अधिकारियों को गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेना होगा तथा 48 घंटों में कमेटी का गठन कर जांच कार्यवाई की जाना जरूरी होगी। दोषी पाए जाने पर आरोपित विद्यालय के विरुद्ध ‘राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम 1989 एवं नियम 1993 तथा राजस्थान विद्यालय (फीस का 1989 एवं 1993) तथा राजस्थान विद्यालय (फीस का विनियमन) अधिनियम 2016 एवं 2017 में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत जांच रिपोर्ट स्पष्ट अनुशंसा सहित माध्यमिक शिक्षा/ प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करेंगे।
इसी क्रम में मुख्य ब्लॉक अधिकारी लीला जैन ने टोंक ब्लॉक में संचालित गैर सरकारी विद्यालयों के लिए परिपत्र की अनुपालना, शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, प्रभावी प्रबोधन, निरीक्षण, पर्यवेक्षण, एवं मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए स्वयं की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसमें एसीबीईओ- प्रथम हेमन्त कुमार दीक्षित, एसीबीईओ- द्वितीय गोपाल लाल मीणा व सहायक प्रशासनिक अधिकारी देवेन्द्र कुमार शर्मा को शामिल किया है।
