भाजपा नेता पर पद के लिए हम बिस्तर होने के लिए दबाव बनाने का आरोप

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। राजनीति में अपवाद को छोड़कर किसी महिला को आगे बढ़ाने के लिए समझौता करना पड़ता है इस तरह की चर्चाएं अक्सर सुनने को मिलती थी।
लेकिन इन चर्चाओं पर भाजपा की एक महिला नेता ने पार्टी के एक नेता पर पार्टी में पद पाने के लिए हम बिस्तर होने का दबाव बनाने और बात नहीं मानने पर पति को रेप के केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए इस पर मोहर लगा दी है और पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया।
भाजपा की महिला नेता ने इस संबंध में पार्टी के एक नेता के खिलाफ पुलिस थाने में प्राथमिक दर्ज कराते हुए जांच की मांग की है। महिला के आरोपों पर जांच की मांग से भाजपा में भूचाल आ गया है।
घटना भाजपा शासित उत्तर प्रदेश की महोबा जिले की है। महोबा जिले की भाजपा की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर पद के बदले शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। दीपाली ने इस संबंध 27 अप्रैल को एसपी कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा और फेसबुक पर लाइव आकर अपनी पीड़ा सार्वजनिक की है। दीपाली तिवारी के आरोप के अनुसार मोहनलाल कुशवाहा ने उसे जिला उपाध्यक्ष बनने के लिए उसे दिल्ली लखनऊ साथ चलने का प्रस्ताव दिया और बात ना मानने पर पद से हटाने की धमकी दी। दीपाली ने जिला महामंत्री और जिला उपाध्यक्ष पर भी इस बात को मानने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि महोबा में भाजपा की नई जिला का कार्यकारिणी का गठन होने के बाद से ही असंतोष चल रहा है। लेकिन दीपाली तिवारी के फेसबुक लाइव में इसे सार्वजनिक कर दिया। दीपाली ने फेसबुक लाइव पर भावुक होते हुए आरोप लगाया कि जिला अध्यक्ष ने उनके सामने शर्मनाक शर्त ही नहीं रखी बल्कि उसके पति को दुष्कर्म के झूठे मामले में जेल भिजवाने की धमकी भी दी। लाइव पर दीपाली ने बताया कि जब दबाव बर्दाश्त से बाहर हो गया था तो उन्हें इस्तीफा देकर जनता के सामने आना पड़ा। दीपाली तिवारी के लाइव कि हम पुष्टि नहीं करते हैं। दूसरी और मोहनलाल कुशवाहा ने दीपाली तिवारी के सभी आरोपी और दावों को खारिज करते हुए निराधार और मनगढ़ंत बताया तथा उनकी छवि को धूमिल करने की साजिश बताया। इस घटना से महोबा की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दल को मुद्दा मिल गया सरकार को घेरने का।
