स्कूली छात्रा से रेप के आरोपी शिक्षक व सहयोगी को 20-20 साल की सजा

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। राजस्थान में गुरु शिष्य के रिश्ते को कलंकित करने वाले अपनी शिष्या छात्रा से रेप करने के आरोपी शिक्षक और इस घिनौनी हरकत में सहयोग करने वाले सहयोगी को पोक्सो न्यायालय दोषी करार देते हुए 20-20 साल की सजा और अर्थ दंड से दंडित किया है।
घटनाक्रम के अनुसार, 02 जनवरी 2024 को पीड़िता छात्रा के परिजनों ने पुलिस थाना जोबनेर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बच्ची रात से गायब है और उन्हें स्कूल शिक्षक अफजल खान पर पूरा शक है। जोबनेर पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई कर महज कुछ ही समय में आरोपी अफजल खान को सिरसा हरियाणा से गिरफ्तार कर नाबालिग को सुरक्षित शिक्षक से मुक्त कराया।
शिक्षक में सहयोगी के साथ किया छात्रा का अपहरण
पीड़िता छात्रा ने अपने बयानों में गुरू-शिष्या के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाली दास्तां बयां की। उसने बताया कि आरोपी अफजल खान उसे स्कूल में पढ़ाता था। उसने धोखे से उसके साथ दुष्कर्म किया और अपने मोबाइल से उसकी अश्लील तस्वीरें व वीडियो बना लिए। इसके बाद वह अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल करने लगा और जोबनेर की एक होटल सहित अनेक जगहों पर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
01 जनवरी 2024 को आरोपी अफजल और उसके सहयोगी रामस्वरूप ने मिलकर उसका अपहरण किया, जहां रास्ते में रामस्वरूप उतर गया और अफजल पीड़िता को दिल्ली रोड होते हुए कार में दुष्कर्म करते हुए हरियाणा ले गया। सहयोगी रामस्वरूप को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
केस ऑफिसर स्कीम और त्वरित अनुसंधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थानाधिकारी एवं अनुसंधान अधिकारी एसआई धर्मसिंह गुर्जर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता का मेडिकल करवाया। जयपुर रेंज पुलिस द्वारा इस संवेदनशील मामले को ‘केस ऑफिसर स्कीम’ के तहत चयनित किया गया और थानाधिकारी को केस ऑफिसर नियुक्त कर समयबद्ध निगरानी रखी गई।
पुलिस ने ठोस वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाकर रिकॉर्ड समय में पोक्सो न्यायालय, जयपुर में दोनों आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट और भादसं की संगीन धाराओं में चार्जशीट पेश की।
गवाहों की मजबूत व साक्ष्य पर सजा
अदालत में स्पेशल पी.पी. महावीर सिंह किशनावत ने अभियोजन पक्ष की ओर से बेहद प्रभावी पैरवी करते हुए 16 गवाहों के बयान दर्ज करवाए, 68 महत्वपूर्ण विधिक दस्तावेज प्रदर्शित करवाए और 12 आर्टिकल्स पेश किए। सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर जुर्म पूरी तरह साबित हुआ।
पोक्सो न्यायालय (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012), जयपुर जिला के न्यायाधीश डॉ. कैलाश चन्द्र अटवासिया ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को
मुख्य अभियुक्त अफजल खान निवासी ड्योडी, फुलेरा को 20 साल का कठोर कारावास तथा कुल 2.75 लाख रुपये के जुर्माने तथा सहयोगी अभियुक्त रामस्वरूप निवासी लक्ष्मीपुरा, जोबनेर को मुख्य आरोपी की मदद करने और साजिश में शामिल रहने के अपराध में दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 1 लाख 75 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
