दो डॉक्टर और 3 लैब संचालक संचालक गिरफ्तार

RGHS में करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े का खुलासा ,SOG की कार्रवाई
दो डॉक्टर और 3 लैब संचालक संचालक गिरफ्तार

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। राजस्थान सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के हितों के लिए शुरू की गई राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस RGHS) योजना में जमकर हो रहे फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए।

एस ओ जी ने दो डॉक्टर और तीन लैब संचालकों को गिरफ्तार किया है। ‌ इनके द्वारा संगठित नेटवर्क के जरिए इस योजना में करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा करने का खुलासा हुआ है। ‌

इस योजना के तहत विशेष स्तर तक का समिति एवं विभाग के ऑडिट के आधार पर गंभीर भ्रष्टाचार राजेश भवानी और संगठित अपराध के संकेत मिलने पर उन्हें विस्तृत जांच के लिए एस ओ जी को सोपा गया।

अतिरिक्त महानिदेशक एस ओ जी विशाल बंसल ने यह जानकारी देते हुए बताया की कुछ निजी अस्पताल संचालक हूं डॉक्टर एवं लैब ऑपरेटर द्वारा इस योजना का दुरुपयोग करते हुए फर्जी ओपीडी पर्ची अनावश्यक एवं फर्जी जांचें तथा बड़े-बड़े बिल प्रस्तुत सरकारी खजाने को करोड रुपए की हानि पहुंचाने के मामले अब तक जांच में सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एसओजी में इस संबंध में प्रकरण 11/ 26 दर्ज कराया गया था।सीकर जिले में ऐसे प्रकरण सामने आए जिसमें जांच के दौरान पाया कि

इन डॉक्टर ने किया..

सीकर स्थित डॉ. विजय एंड बी लाल डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक स्वर्गीय डॉ. विजय मंडू द्वारा एस.के. हॉस्पिटल, सीकर में पदस्थ डॉ. कमल कुमार अग्रवाल उर्फ के.के. अग्रवाल, डॉक्टर गजराज सिंह, डॉ. सुनील ढाका, डॉ. राकेश चौधरी एवं डॉ. मुकेश वर्मा के साथ मिलीभगत कर आरजीएचएस योजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया।

यह है जेल में

अनुसंधान के दौरान आरोपी लैब संचालक बनवारी लाल उर्फ बी लाल एवं डॉ. कमल कुमार उर्फ के.के. अग्रवाल के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट में अंकित धाराओं के तहत अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में हैं।

ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा

अनुसंधान को आगे बढ़ाते हुए एसओजी ने उक्त लैब पर कार्य करने वाले कार्मिकों की भूमिका का भी विस्तार से परीक्षण किया।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि लैब पर कार्यरत कार्मिक, लैब संचालक स्वर्गीय डॉ. विजय मंडू एवं बनवारी लाल उर्फ बी लाल के निर्देशानुसार आरजीएचएस लाभार्थियों से उनके आरजीएचएस कार्ड नंबर लेकर एस.के. हॉस्पिटल, सीकर से परामर्श पर्ची फर्जी रूप से बनवाते थे।

इसके बाद लैब संचालक द्वारा पहले से तैयार पर्चियों में दर्ज जांचों को एस.के. हॉस्पिटल में पदस्थ चिकित्सकों से लिखवाकर परामर्श पर्चियों पर अंकित कराया जाता और पुनः इन्हें डॉ. विजय मंडू को सौंपा जाता था। इन पर आधारित फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार कर आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड की जाती थीं और योजना के तहत प्राप्त भुगतानों से अवैध आर्थिक लाभ कमाया जाता था, जिससे राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान एवं वास्तविक लाभार्थियों को योजनाबद्ध लाभ प्राप्त करने में बाधा उत्पन्न हुई।

यह हुए लैब संचालक गिरफ्तार

1. बजरंग सिंह पुत्र फत्ता राम, जाति गुर्जर, उम्र 54 वर्ष, निवासी दादिया, थाना दादिया, जिला सीकर।

2. अरविंद कुमार शिला पुत्र गगनराम, जाति मेघवाल, उम्र 35 वर्ष, निवासी बुगाला, थाना गुढ़ा गोड़जी, जिला झुंझुनूं, हाल निवासी वार्ड नंबर 43, अम्बेडकर नगर, थाना उद्योग नगर, जिला सीकर।

3. विक्रम कल्याण पुत्र शिवलाल कल्याण, जाति मेघवाल, उम्र 22 वर्ष, निवासी टोडपुरा, तहसील नवलगढ़, थाना गोढ़ड़ा, जिला झुंझुनूं।

रिमांड पर

उपरोक्त तीनों आरोपियों को 12 जून को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 16 जून तक पुलिस रिमांड प्राप्त हुआ है।

रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से फर्जी पर्ची बनाने की प्रक्रिया, लाभार्थियों के कार्ड विवरण एकत्र करने, चिकित्सकों तक पर्चियां पहुंचाने, आरजीएचएस पोर्टल पर फर्जी जांच अपलोड कराने, प्राप्त भुगतानों के वितरण तथा अन्य सह-आरोपियों एवं नेटवर्क के संबंध में गहनता से पूछताछ की जा रही है।

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