राजस्थान अवैध शराब के परिवहन भंडारण,MRP से अधिक दर वसूलने पर होगी कार्रवाई

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा। राजस्थान में अन्य राज्यों की शराब की तस्करी अवैध मदिरा निर्माण भंडारण परिवहन एवं निर्धारित एमआरपी दर से अधिक वसूलने पर रोकथाम के लिए शुक्रवार 1 मई से विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह दिशा निर्देश आबकारी आयुक्त नामित मेहता ने विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
आबकारी आयुक्त मेहता के निर्देशानुसार विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाली अवैध मदिरा की बिक्री एवं संग्रहण की सूचना प्राप्त कर टोल नाकों व संभावित मार्गों पर विशेष निगरानी रखते हुए आबकारी एक्ट के तहत फरार अभियुक्तों की पड़ोसी राज्य व संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रदेश में संबंधित जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार पुलिस जाब्ता प्राप्त कर अवैध मदिरा प्रभावी कार्यवाहियां सुनिश्चित की जानी है। प्रदेश में परिवहन होकर आने वाले स्प्रिट टेंकर्स पर विशेष निगरानी रख विभागीय निर्देशों के अनुसार सील सही रूप से लगी होना सुनिश्चित किया जाएगा।
एमआरपी से ज्यादा पर कार्यवाही
आबकारी आयुक्त नमित मेहता के अनुसार संबंधित जिला आबकारी अधिकारी के निर्देशन में मदिरा दुकान पर विक्रय की जा रही मदिरा पर नियमानुसार होलाग्राम चस्पा हो, मदिरा दुकान पर निर्धारित एमआरपी पर ही मदिरा का विक्रय हो एवं बिना होलोग्राम की शराब किसी भी दुकान पर नही होना सुनिश्चित किया जाना है। इस संबंध में अनियमितता होने पर संबंधित मदिरा दुकान अनुज्ञाधारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
बिना लाईसेंस बिक्री पर होगी कार्यवाही
विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत संबंधित जिला आबकारी अधिकारियों के निर्देशन में प्रदेश में बिना वैध अनुज्ञापत्र मदिरा बिक्री के संभावित स्थानों क्रमशः होटल बार, ढाबों, समारोह स्थलों की सघन जांच करते हुए अवैध मदिरा बिक्री की शिकायतों पर प्रकरण दर्ज किया जाएगा एवं जांच में शिकायत सही पाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।प्रदेश में विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारियों, उपायुक्त आबकारी निरोधक दल को जब्त शराब के निस्तारण, नष्टीकरण एवं मालखाना निस्तारण सहित वाहनों की नीलामी सुनिश्चित की जानी है। इसी क्रम में उक्त अभियान की दैनिक मॉनिटरिंग करते हुए जिलेवार समीक्षा की जाएगी।
