भीलवाड़ा एडीपीसी डॉ श्रीमती शर्मा ने निकाला थर्ड ग्रेड शिक्षक के तबादले का नया रास्ता ?

निलंबित आरोपी शिक्षक को जांच पूर्ण होने से पहले ही डॉ. श्रीमती शर्मा ने किया बहाल ,स्कूल में संभाला कार्यभार लेकिन उपस्थित डीईओ कार्यालय से, यह कैसा नियम
भीलवाड़ा एडीपीसी डॉ श्रीमती शर्मा ने निकाला थर्ड ग्रेड शिक्षक के तबादले का नया रास्ता ?

भीलवाड़ा / डॉ. चेतन ठठेरा । राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में शिक्षा विभाग में अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा( एडीपीसी) एवं तत्कालीन कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारंभिक डॉ. कल्पना शर्मा (राष्ट्रपति शिक्षक अवार्ड प्राप्त) ने सरकार और विभाग के नियमों की अनदेखी करते हुए निलंबित चल रहे एक थर्ड ग्रेड शिक्षक की जांच पूर्ण होने से पहले ही निलंबित आरोपी शिक्षक के ही प्रार्थना पत्र पर उसे उसी स्कूल में बहाल कर‌

दिया इस तरह कार्यवाहक होते हुए डॉ. श्रीमती शर्मा ने नियमों का उल्लंघन ही नहीं किया बल्कि शिक्षा मंत्री दिलावर और सरकार के थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों पर रोक के दावों को गलत साबित करते हुए निलंबन की आड़ में तबादले का यह नया रास्ता निकाला है ?

यह था मामला

भीलवाड़ा जिले के सहाड़ा ब्लॉक में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय साकरिया पीईईओ ढोसर में पदस्थ शिक्षक सरदार मीणा लेवल -2 द्वारा विद्यालय के प्रधानाध्यापक के साथ विद्यालय में ड्यूटी के दौरान मारपीट करने के मामले में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक मुख्यालय रामेश्वर लाल बाल्दी ने अक्टूबर 2025 में निलंबित करते हुए उसके खिलाफ जांच प्रारंभ कर दी थी। ‌ जांच अभी प्रक्रियाधीन है। कार्यवाहक डीईओ प्रारंभिक डॉ.श्रीमती शर्मा ने यह किया नियम विरुद्ध कार्य ?

जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक मुख्यालय का पद खाली होने से इसका चार्ज जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय राजेंद्र गगगड के पास था लेकिन उनके गंभीर असाध्य रोग होने के कारण अवकाश पर होने से जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक मुख्यालय का चार्ज अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा (एडीपीसी ) डॉ श्रीमती कल्पना शर्मा को दिया गया था ।

डॉ.श्रीमती शर्मा ने क्रमांक जिशिअ/मुप्राशिअ/भील./जांच/फा-सरदार मीणा/2026/101 दिनांक 26 फरवरी 2026 के जरिए एक आदेश निकाला की निलंबित कार्मिक सरदार मीणा शिक्षक लेवल 2 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय साकरिया पीईईओ ढोसर ब्लॉक सहाड़ा को निलंबित कर कार्यालय लगाया गया था मीणा ने निलंबन की बहाली हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है

शिक्षक मीणा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय साकरिया पीईईओ ढोसर ब्लॉक सहाड़ा की जांच कार्यवाही लंबित रखते हुए इन्हें निलंबन से बहाल कर पुनः उनके मूल पद स्थापन स्थान राउप्रावि साकरिया लगाया जाता है।

इसके ठीक 11 दिन बाद डॉ. श्रीमती शर्मा ने 9 मार्च 2026 को एक आदेश क्रमांक जिशिअ/मुप्राशिअ/भील./जांच/फा-सरदार मीणा/2026/129 दिनांक 9 मार्च 2026 जारी कर शिक्षक सरदार मीणा को साकरिया पीईईओ ढोसर से हटाकर जांच कार्रवाई लंबित रखते हुए राउप्रावि टपरिया खेड़ी पीईईओ सातलियास ब्लॉक सहाड़ा लगाया जाता है और संबंधित संस्था प्रधान को निर्देशित किया जाता है कि उक्त कार्मिक को तत्काल प्रभाव से कार्य मुक्त कर सूचना निम्न हस्ताक्षरकर्ता को प्रेषित करें।

राउप्रावि टपरिया खेड़ी के प्रधानाध्यापक ने कार्यवादी डीईओ डॉ श्रीमती शर्मा के 9 मार्च 2026 के आदेश की पालना में मध्याह्न पुर्व शिक्षक सरदार मीणा को कार्यभार ग्रहण कर दिया और इसका आदेश क्रमांक 50 ,9 अप्रैल 2026 के जरिए सूचना भी दे दी।

यह उठता है सवाल,क्या है यह नियम

विभागीय नियमों के अनुसार किसी भी कार्मिक के खिलाफ अगर कोई जांच चल रही है तो उसे निलंबित इसलिए किया जाता है ताकि वह वहां रहकर जांच को प्रभावित न कर सके और जांच विचाराधीन अर्थात जांच पूर्ण और निष्कर्ष नहीं निकलने तक उसे बहाल नहीं किया जा सकता।

लेकिन कार्यवाहक डीईओ डॉ श्रीमती शर्मा ने नियमों की अनदेखी ही नहीं की बल्कि आरोपी शिक्षक के प्रार्थना पत्र पर ही उसे बहाल कर दिया यह भी एक नियम विरुद्ध है और साथ ही उसे आरोपी शिक्षक को उसके खिलाफ जांच चल रही है उसे उसी स्कूल में बहाल कर दिया जहां से उसको निलंबित किया गया था यह और नियम विरुद्ध था।‌

दूसरी बात आखिर ऐसा क्या हुआ कि डॉ. श्रीमती शर्मा ने 26 फरवरी के आदेश के ठीक 11 दिन बाद आदेश क्रमांक जिशिअ/मुप्राशिअ/भील./जांच/फा-सरदार मीणा/2026/129 दिनांक 9 मार्च 2026 से विद्यालय क्यों बदला आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी ?

एक सवाल और जो शिक्षा विभाग की कार्य प्रणाली को कटघरे में खड़ा करता है

जब निलंबित शिक्षक सरदार मीणा को कार्यवाहक डीईओ डॉ श्रीमती शर्मा ने पहले 26 फरवरी को और फिर 9 मार्च को बहाल कर उसे स्कूल में पद स्थापित कर दिया और प्रिंसिपल को निर्देशित किया कि वह कार्यभार ग्रहण कराएं। इस आदेश की पालना में टपरा खेती के प्रधानाध्यापक ने पालन करते हुए शिक्षक मीणा को कार्यभार भी ग्रहण कर दिया और इसकी सूचना डीईओ प्रारंभिक को दे दी उसके पश्चात भी शिक्षक सरदार मीणा 1 मार्च 2026 से 4 मार्च 2026 तक और 7 मार्च 2026 से 1 अप्रैल 2026 तक अपनी उपस्थिति जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारंभिक में ही दे रहा था और इसकी उपस्थिति का प्रमाण पत्र आदेश क्रमांक/जिशिअभी/प्राशि./2026/127 दिनांक 1 अप्रैल 2026 को जारी हुआ। सवाल यह उठता है कि जब कार्मिक शिक्षक को 9 मार्च को ही बहाल करते हुए स्कूल में पदस्थापित कर दिया गया तो फिर वह एक अप्रैल तक कार्यालय में कैसे उपस्थित रहा ? और किसके आदेश से उपस्थित रहा? और क्यों ? अब 21 दिन का वेतन कहां से और कैसे दिया जाएगा ?

इनकी जुबानी

कार्मिक के निलंबन होने और जांच लंबित होने के दौरान उसे वापस स्वयं के प्रार्थना पत्र पर बहाल नहीं किया जा सकता नियम विरुद्ध है और दूसरे आदेश से जब बहाल कर स्कूल बदल दिया गया उसके बाद भी डीईओ कार्यालय में उपस्थिति देना नियम विरुद्ध है।

श्रीमती अरूणा गारु (सीडीईओ)मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी भीलवाड़ा

आपके द्वारा इस प्रकरण को मेरे संज्ञान में लाया गया है इसे मैं दिखाकर नियमानुसार कार्रवाई करूंगा।

राजेंद्र गगगड ,जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) माध्यमिक विद्यालय भीलवाड़ा

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