नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर फर्जी आवेदन, सरकारी छात्रवृत्ति हड़पने वाले बंगाल से गिरफ्तार

2100 बैंक खातों और हजारों डिजिटल दस्तावेजों का खुलासा
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर फर्जी आवेदन, सरकारी छात्रवृत्ति हड़पने वाले बंगाल से गिरफ्तार

जयपुर / डॉ. चेतन ठठेरा।‌ऑनलाइन सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं में सेंध लगाने वाले एकअंतरराज्यीय साइबर गिरोह का अजमेर पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए

नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर फर्जी दस्तावेजों और डिजिटल पहचान का इस्तेमाल कर सरकारी छात्रवृत्ति की राशि हड़पने वाले दो आरोपियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, अजमेर की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया था।

जांच में यह आया सामने

जांच में सामने आया कि वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के दौरान करीब 30 शिक्षण संस्थानों के नाम पर फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति प्राप्त कर सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।।

बॉर्डर तक पहुंची पुलिस, बंगाल से दबोचे मास्टरमाइंड

एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला में प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश सीमा से सटे काजिगच्छ और चकलागच्छ गांवों तक पहुंची, जहां से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर अजमेर लाया गया

आरोपियों के कब्जे से मिली यह सामग्री

आरोपियों के कब्जे से 85 विभिन्न कंपनियों के मोबाइल सिम कार्ड, 2 लैपटॉप, 2 प्रिंटर, 7 चांस फिंगरप्रिंट, 1 फिंगरप्रिंट स्कैनर, 7 बैंक एटीएम कार्ड, 3 मोबाइल फोन, बैंक पासबुक एवं अन्य डिजिटल उपकरण के अलावा लैपटॉप और मोबाइल से लगभग 2100 बैंक खातों का डेटा, 1000 से अधिक चांस फिंगरप्रिंट, 2000 आधार कार्ड एवं फोटो एवं 1500 से अधिक स्टाम्प दस्तावेजों की प्रतियां बरामद हुई हैं। पुलिस अब इस पूरे डेटा का तकनीकी विश्लेषण कर रही है, जिससे देशभर में फैले साइबर नेटवर्क के और खुलासे होने की संभावना है।

 ऐसे करते थे छात्रवृत्ति की ठगी

एस पी ने बताया कि जांच में सामने आया कि कोरोना काल के दौरान‌ सरकार द्वारा छात्रवृत्ति आवेदनों का सत्यापन ऑनलाइन किया गया था। इन दोनों किसी ऑनलाइन प्रक्रिया का फायदा उठाया । गिरोह पहले इंटरनेट से स्कूलों के DISE Code और अन्य विवरण जुटाता था। इसके बाद फर्जी मोबाइल सिम और ओटीपी के जरिए स्कूलों के नोडल अधिकारी के सत्यापन की प्रक्रिया को प्रभावित कर छात्रवृत्ति राशि अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेता था।

इनको किया गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपी तबिबार रहमान (35) निवासी चकलागच्छ थाना चौपड़ा जिला उत्तर दिनाजपुर पश्चिम बंगाल और साहनामाज (25) निवासी काजिगच्छ थाना चौपड़ा जिला उत्तर दिनाजपुर पश्चिम बंगाल है।

एसपी अग्रवाला ने बताया कि यह केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि एक ऐसे संगठित साइबर नेटवर्क का खुलासा है जो सरकारी योजनाओं, डिजिटल पहचान और बैंकिंग प्रणाली का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दे सकता था।‌बरामद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित मामलों की जांच जारी है।

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