सवाईपुर स्कूल में नन्हे-नन्हे हाथों ने गुरुजनों के तिलक लगा,कलेवा बांध किया गुरु पूजन

भीलवाड़ा/ अमन ठठेरा । गुरु बिना ज्ञान की ज्योति नहीं जलती गुरु बिना जीवन की डोर नहीं संभलती ।आज नमन है उन मार्गदर्शकों को जिन्होंने हमें चलना सिखाया,गिरकर उठना सिखाया ।
इन्हीं कुछ पंक्तियों के साथ जिले के कोटड़ी उपखंड की सवाईपुर पंचायत में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नन्हे – मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी नन्हे नन्हे हाथों से अपने गुरुजनो के तिलक लगा हाथ पर कलेवा बांधकर और दुपट्टा पहना कर गुरु पूजन किया यह दृश्य देखने लायक था।
विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. प्रतिष्ठा ठाकुर की अगुवाई में बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विद्यालय प्रांगण में गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गय। इस दौरान बड़े विद्यार्थियों के साथ-साथ प्राथमिक स्तर की कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपने नन्हे नन्हे हाथों से अपने गुरुजनों के तिलक लगाकर हाथ में कलेवा बांध दुपट्टा पहना कर चरण स्पर्श करके और मुंह मीठा करा कर गुरु पूजन किया।
इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ. प्रतिष्ठा ठाकुरने गुरु पूर्णिमा के महत्व को बताते हुए कहा की यह दिन उस दीपक को नमन करने का है जो हमारे जीवन के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का उजाला करता है।
उन्होंने गुरु का अर्थ बताया कि गुरु केवल किताबें पढ़ाने वाला नहीं गुरु वह है जो गिरते हुए को संभाले,भटकते हुए को रहा दिखाएं और हारते हुए में जीत का विश्वास जगाएं। डॉ.ठाकुर ने विद्यार्थी से कहा कि तुम सब मेरे लिए गर्व हो जिस तरह मैंने
” मेरा विद्यालय मेरा स्वाभिमान
मेरे छात्र मेरी पहचान का सपना देखा है उसी तुम सब अपने सपनों को पंख दो। मेहनत करो, ईमानदार बनो और देश का प्रदेश का नाम रोशन करो यही मेरे लिए एवं सभी गुरुजनों के लिए गुरु दक्षिणा है।
इस अवसर पर श्रीमती ठाकुर ने समस्त विद्यालय परिवार के शिक्षक शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं कर हृदय से आभार व्यक्त किया कि आपने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मुझे बहुत कुछ सिखाया है आगे भी आप सभी का सहयोग बना रहेगा हम सब मिलकर इस विद्यालय को एक आदर्श विद्यालय के रूप में स्थापित करेंगे।
