आखिर रामलाल जाट और धीरज गुर्जर में खुलकर सामने आई दुश्मनी!

वार रूम में डोटासरा और जूली के सामने भिड़े दोनों नेता, हाथापाई तक पहुंची बात,रामलाल ने कहा गुंडा धीरज ने लगाया चरित्र पर आरोप ,डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार
आखिर रामलाल जाट और धीरज गुर्जर में खुलकर सामने आई दुश्मनी!

भीलवाड़ा । राजस्थान की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले वस्त्रालय के भीलवाड़ा में कांग्रेस में पिछले कुछ लंबे समय से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री रामलाल जाट और पूर्व विधायक धीरज गुर्जर के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान व, मनमुटाव, वर्चस्व की राजनीति और विवाद का गुब्बार शनिवार शाम को जयपुर में कांग्रेस कार्यालय के बाहर रूम में फूट पड़ा। दोनों नेताओं ने एक दूसरे को मर्यादाओं की सारी सीमाएं तोड़ते हुए गाली गलौज करने के साथ ही एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। और यह सब कुछ हुआ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी में स्थिति इतनी बिगड़ी की नेताओं को हस्तक्षेप कर माहौल शांत करना पड़ा।

माहौल गर्माया

बताया जा रहा है कि पार्टी की चुनावी रणनीति और निकाय चुनाव में भीलवाड़ा शहरी निकायों की टिकटों को लेकर लेकर चल रही बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर कहासुनी शुरू हो गई और दोनों में तनातनी हो गई देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए। यहां तक की दोनों ने एक दूसरे के साथ बैठक करने से इनकार तक कर दिया।

रामलाल ने धीरज को बताया ‘गुंडा’धीरज ने रामलाल को बताया चरित्रहीन

विवाद के दौरान रामलाल ने धीरज पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘गुंडा’ तक कह दिया। इसके जवाब में धीरज ने भी रामलाल के चरित्र को लेकर गंभीर आरोप लगाए। दोनों नेताओं के बीच बढ़ते विवाद से बैठक का माहौल पूरी तरह गरमा गया।

डोटासरा-जूली के सामने हुआ पूरा घटनाक्रम

सबसे खास बात यह रही कि यह पूरा विवाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में हुआ। बैठक में मौजूद नेताओं ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर तक दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही। दोनों में इतनी जोरदार बहस और झगड़ा हुआ कि वार रूम में कई नेता और पास वाले कमरे में भी कई नेता बैठे थे और उनकी आवाज़ बाहर तक सुनाई दे रही थी।

भीलवाड़ा में कांग्रेस के लिए नुकसानदायक

प्रदेश अध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई इस जुबान जंग को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई है। रामलाल जाट और धीरज गुर्जर दोनों ने इस पूरी घटना पर कोई टिप्पणी करने से इनकार दिया है केवल धीरज गुर्जर ने इस घटनाक्रम पर कहा कि टिकट वितरण को लेकर मतभेद की बात मानी है लेकिन और कोई टिप्पणी नहीं की। रामलाल जाट पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समर्थक और उनके खास माने जाते हैं जबकि धीरज गुर्जर सचिन पायलट समर्थक हैं। धीरज गुर्जर को हाल ही में एआईसीसी मैं सचिव पद से और उत्तर प्रदेश चुनाव से प्रभारी पद से हटाया गया है वर्तमान में संगठन उनके पास कोई पद नहीं है। इन दोनों नेताओं का विवाद और मतभेद भीलवाड़ा में कांग्रेस के लिए नुकसानदायक है ।

चुनाव से पहले गुटबाजी ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता

निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच सामने आया यह विवाद कांग्रेस के लिए असहज करने वाला माना जा रहा है। टिकट वितरण और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक वर्चस्व को लेकर पहले से ही कई जगहों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में वार रूम की बैठक में ही दो नेताओं का आमने-सामने आ जाना पार्टी की अंदरूनी सियासत पर सवाल खड़े करता है।

बड़ा सवाल

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पार्टी नेतृत्व इस विवाद को शांत कर पाएगा या फिर निकाय चुनाव से पहले यह टकराव कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को और खुलकर सामने लाएगा?

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