यूनिवर्सिटी के कुलपति सहित 3 गिरफ्तार

( डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार ) राजस्थान में फर्जी दस्तावेज से शारीरिक शिक्षक भर्ती का मामला,66 शारीरिक शिक्षकों पर लटकी तलवार
यूनिवर्सिटी के कुलपति सहित 3 गिरफ्तार

जयपुर।‌ राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (‌एस ओ जी SOG) ने शारीरिक शिक्षक भर्ती (PTI) भर्ती में डमी अभ्यर्थी बैठा कर और फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल करने के मामले में बड़ा खुलासा करते हुए टीम ने मध्य प्रदेश के सीहोर की यूनिवर्सिटी के कुलपति, परीक्षा नियंत्रक और कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है जो पुलिस सीमांत पर चल रहे हैं। इस मामले में 66 शारीरिक शिक्षक अभ्यर्थियों की डिग्री भी संदेह के घेरे में है इसे यूं कहे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी कि इन सभी 66 अभ्यर्थियों पर तलवार लटकी हुई है।

 

एस ओ जी के एडीजी विशाल बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी RSSB) जयपुर द्वारा 25 दिसंबर 2022 को शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2002 आयोजित की थी इस परीक्षा में सांचौर जिले के धानता निवासी भारमल राम पुत्र नंरगा राम ने भी आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि इस भर्ती परीक्षा में फर्जी और बैक डेट में अर्थात पुरानी तारीखों में बीपी एड(BP ED) की डिग्रियों के आधार पर शारीरिक शिक्षक की सरकारी नौकरी हासिल की गई थी। भारमल राम ने बैक डेट की बीपीएड डिग्री हासिल की शिकायत पर एसओजी ने जांच शुरू की थी। जांच में भारमल राम की ओर से पेश की गई बीपी एड ( BP ED) की डिग्री फर्जी और बैक डेट में जारी होने के सबूत सामने आए इस पर एस ओ जी थाना जयपुर में मामला दर्ज करते हुए विस्तृत जांच शुरू की गई। ‌ उन्होंने बताया कि इस जांच के दौरान पता चला कि भारमल राम ने आवेदन में जो विश्वविद्यालय की डिग्री दर्शाईं थी उसके अलावा सीहोर की यूनिवर्सिटी की bp.ed की डिग्री भी थी जांच में यह डिग्री बैक डेट में जारी होना सामने आया।

 

एडीजी बंसल ने बताया कि यह खुलासा होने पर एसओजी ने कोर्ट से सर्च वारंट लेकर विश्वविद्यालय में तलाशी की इस दौरान विश्वविद्यालय से संबंधित रिकार्ड और कंप्यूटर डाटा जप्त किया गया जब रिकॉर्ड और डिजिटल डॉक्यूमेंट का फॉरेंसिक फाइनेंशियल एक्सपर्ट से परीक्षण और ऑडिट कराया गया। ऑडिट में सामने आया कि भारमल के नाम से विश्वविद्यालय में दो अलग-अलग फीस लेजर अकाउंट बनाए गए थे इन लेजर अकाउंट की एंट्री बाद की तारीख में किए जाने और रिकॉर्ड को बैक डेट में तैयार किए जाने के कितने सामने आए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि संबंधित परीक्षा का परिणाम 21 अक्टूबर 2022 को जारी हुआ था जबकि फीस लेजर में एंट्री इसके बाद की तारीखों में की गई है। यह खुलासा होने के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति मुकेश तिवारी परीक्षा नियंत्रक संजय राठौर और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा को गिरफ्तार कर जयपुर लाया गया और इन तीनों को संबंधित न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें 27 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए हैं। एसओजी इन तीनों से गहन पूछताछ कर रही है जिसमें कई बिंदुओं को आधार बनाया गया है इस पूछताछ में कई और भी क

खुलासे होने की संभावना है

 

एडीजी बंसल ने बताया कि इस मामले में सामने आया कि इस विश्वविद्यालय में बीपी एड.( BP ED ) की कुल‌ 100 सीटे है और परीक्षा से पहले के वर्षों में इस विश्वविद्यालय से बीपीएड BP ED करने वाले विद्यार्थियों में राजस्थान की अभ्यर्थियों की संख्या अधिक सामने आई जो जांच में संदेह का कारण बन गई है। अभी इस मामले में 66 ऐसे अभ्यर्थी हैं जो संदेह के दायरे में है।

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